उरई। आटा थाने के कुसमरा गांव में दलित समाज के लोगों के साथ दबंगों द्वारा की गई घटना को लेकर सोमवार को अंबेडकर महासभा की आपात बैठक आयोजित हुई। जिसमें उत्पीड़नकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही उन्हें संरक्षण देने के लिए आटा पुलिस की निंदा की गई।
जिलाध्यक्ष पंकज सहाय ने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक गांव के दबंगों ने दलित युवकों से दो मार्च को जबरन ढोल बजवाने चाहे थे जिसके लिए मना करने से चिढ़कर उन्होंने रात में दलित परिवारों पर हमला बोल दिया। इस दौरान कई लोगों को लहूलुहान होना पड़ा। दुस्साहस की पराकाष्ठा यह हुई कि दबंगों ने दलित समाज की महिलाओं को इस दौरान बेपर्दा भी कर डाला।
पंकज सहाय ने बताया कि इस घटना के खिलाफ फरियाद लेकर दलित समाज के लोग आटा पुलिस के पास गये थे। लेकिन आटा पुलिस ने कोई कार्रवाई करने की बजाय दलित समाज के लोगों को ही धमका डाला। अनुसूचित जाति उत्पीड़न निवारण केंद्र के प्रभारी अरविंद पहारिया ने कहा कि दलित समाज अब जोर-जुल्म बर्दास्त नही करेगा। अंबेडकर महासभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस उक्त अमानुषिक घटना का मुकदमा फौरन कायम करे अन्यथा उनका संगठन संघर्ष के लिए बाध्य होगा। बैठक में ओमप्रकाश बाबा, दयाकुमार जाटव, प्रेम कुमार अहिरवार और तेज सिंह आदि मौजूद रहे।






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