
कालपी उरई । पूरे विश्व को ज्ञान देने वाले तथा वेद पुराणो, महाभारत पुराण के रचियता भगवान वेदव्यास मंदिर की पिछले हिस्सा की दीवार बाढ़ की विभीषिका से ढह जाने से उक्त महापुरूष के राष्ट्रीय मंदिर पर संकट के बादल मंडराने से मंदिर से आस्था रखने वाले लोगांे ने तथा ग्रामीणांे ने चिंता व्यक्त की है।
गौरतलब हो कि द्वापर युग में भगवान वेदव्यास ने कालपी नगर के समीप मत्स्यगंधपुर मदारपुर ग्राम में जन्म लेकर पूरे विश्व को ज्ञान देने तथा पवित्र चार वेद, अठारह पुराणों की गणेश जी की कृपा सहयोग से इसी स्थान पर रचना की थी। उनके जन्म स्थली मदारपुर में उनके भक्तों द्वारा उनकी प्रतिमा लगाकर भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। चूंकि यह मंदिर यमुना मैय्या तथा व्यास गंगा के गर्भ में निर्मित है इसलिये इस मंदिर के पिछले हिस्से में दीवाल तक बोल्डर लगाये गये थे जिससे कि दीवाल सुरक्षित बनी रहे। लेकिन लगभग तीन बर्ष पहले भारी वर्षा और सिलसिलेवार बाढ की विभीषिका उक्त मंदिर के दीवार से टकराती रही जिससे व्यास जी के पुराने मंदिर की दीवाल की सुरक्षार्थ लगे बोल्डर ढह चुके है और दीवाल टंग जाने से मंदिर कभी भी ढह जाने की स्थिति उत्पन्न हो गई है और यदि इस दीवाल की पुनः सुरक्षा व्यावस्था न की गई तो वेदव्यास भगवान का मंदिर और प्रतिमा ढह कर समाप्त हो सकती है।
इस पवित्र मंदिर मे देश विदेश के तमाम दर्जनार्थी तथा सैकड़ांे बीआईपी पर्यटक आते जाते है इस कारण इस मंदिर का जीर्णेद्धार होना आवश्यक है। अन्यथा यह भव्य मंदिर टूटकर इतिहास बन सकता है मंदिर के पुजारी रामरतन दास, बीरेन्द्र कुमार, भूपेन्द्र कुमार, समाजसेवी पं. नरेन्द्र कुमार तिवारी, कृष्ण कुमार दीक्षित, गौरव शुक्ला एड., रामजी रामसखा, रामबाबू पूर्व प्रधान, रंजीत निषाद, कुंवरलाल निषाद, अमर सिंह निषाद एड., बाबूलाल निषाद वरिष्ठ भाजपा नेता, पुत्तन निषाद, राजू ठेकेदार, कुंवर बहादुर प्रधान प्रतिनिधि, परमानंद प्रधान, रामउजागर प्रधान, विजय बहादुर फौजी, उमाशंकर पूर्व प्रधान, जगदेव निषाद, गिरवर निषाद वरिष्ठ बसपा नेता, समर सिंह ठेकेदार, रामप्रकाश केवट, डालचंद्र मुखिया, सहित समस्त नगर व क्षेत्रवासियो ने सामूहिक उप्र सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ तथा जिलाधिकारी जालौन डा.मन्नान अख्तर से इस भव्य राष्ट्रीय मंदिर को शीघ्र जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।







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