जालौन-उरई। नगर में जाम की समस्या ने गंभीर रूप धारण कर लिया है इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन लोगों को राहत देने के नाम पर उदासीनता बरत रहा है।
नगर के बीचों-बीच झंडा चैराहा से लेकर बस स्टैण्ड तक, पानी की टंकी से लेकर स्टेट बैंक तिराहा तक, बिजली घर चैराहे से बम्बई वाले मंदिर तक आवाजाही के घमासान और अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या गहराती जा रही है। जिससे लोग परेशान हैं। इसके बावजूद दुकानदार अपने सामने पैसा लेकर ठिलिया या सब्जी वालो के फटटे लगवातें हैं। ऐसे में चाहे चार पहिया वाहन निकले या दुपहिया वाहन रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। दुकानदारों और राहगीरों के बीच इन हालातों में तू-तू, मैं-मैं आम बात हो गई है। जिससे स्थिति कभी भी संवेदनशील हो सकती है। लेकिन नगर पालिका प्रशासन है कि अपने दायित्व से आंखें मूंदे हुए है। जाम की समस्या पर नियंत्रण के लिए उसके द्वारा कोई हस्तक्षेप नही किया जा रहा। अशफाक राईन व गौरीश द्विवेदी जैसे समाजसेवियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी से मांग की है कि जालौन नगर में अतिक्रमण प्रभावी ढंग से हटवाया जाये। जिससे जाम के कारण हो रही परेशानी से लोगों को निजात मिल सके।
जब इस बारे में उप जिलाधिकारी भैरपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परीक्षा समाप्त होते ही नगर पालिका से बात कर अतिक्रमण हटाओ अभियान चालाया जायेगा।







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