उरई। शासन प्रशासन की संज्ञा शून्यता की कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है। इसके चलते अव्यवस्था और अराजकता के नये कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। कलेक्ट्रेट में बुधवार को अपना भविष्य बर्बाद होने से आर्तनांद करते बच्चों का हुजूम हाकिमों के यहां दस्तक देने पहुंच गया।
मामला जालौन ब्लाक के भदवां गांव की प्राथमिक पाठशाला का है। होली के पहले इस विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कमलेश कुमारी को उनके ध्रष्ट आचरण के कारण बीएसए ने निलंबित कर दिया था। कहते हैं कि बाद में ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारी से कमलेश कुमारी का मामला सैट हो गया। जिससे उस आदेश को वापस लेने की भूमिका तैयार की जाने लगी।
यही कारण है कि कमलेश कुमारी का चार्ज अभी तक किसी को नही दिलाया गया। उधर कमलेश कुमारी भी नही आ रहीं और उन्होंने विद्यालय में ताला लटका रखा है। इतने लंबे समय से पढ़ाई-लिखाई से वंचित होने के कारण बच्चों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया और अखबारों के माध्यम से उच्चाधिकारियों की जानकारी में यह बात लाई जा चुकी है। लेकिन शासन प्रशासन में अंधा पीसे कुत्ता खाये का माहौल व्याप्त है। जिससे किसी ने अभी तक इसे संज्ञान में नही लिया है। व्याकुल बच्चे इसके कारण आज डीएम से अपनी बात कहने के लिए जिला मुख्यालय पर आ गये। हालांकि डीएम से उनकी भेंट नही हो पाई। मासूमों ने अपना ज्ञापन उनके प्रतिनिधि के रूप में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट एनपी पांडेय को दे दिया है। अब देखें की इसके बावजूद अधिकारी पसीजते हैं कि नही। ज्ञापन देने आये बच्चों में अंकुश, संतोष, जयकांत, ओमजी, साहिल, सानी, राज, अनुज, अंकित, यशपाल, अभिषेक, सोहिल, अंशू, अर्जुन आदि शामिल हैं।

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