उरई। यह जानकर हैरत हो सकती है कि सैनिकों से भी यह सबूत मांगा जा रहा है कि वे बंदूक चला लेते हैं या नहीं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शनिवार को सैनिक बंधु की बैठक में यह मुददा उठा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह से जयदेव यादव सहित कई प्रमुख सैनिकों ने शिकायत की कि उन्हें भी आग्नेयास्त्रों के नवीनीकरण के लिए हथियार चलाकर दिखाने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा पर हर रोज गोलियों का जबाव गोलियों से देने वाले सैनिकों से इसका इम्तिहान लेना जुर्रत है। यह पूर्व सैनिकों को जलील करने जैसी हरकत है।
अपर जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों की इस आपत्ति से सहमति प्रकट की और कहा कि लाइसेंसों के रिनूवल में उन्हें परेशान नही होने दिया जायेगा। कलेक्ट्रेट की चाहरदीवारी के किनारे सैनिक बाजार निर्माण संबंधी प्रस्ताव की फाइल भी उन्होंने पूर्व सैनिकों द्वारा ध्यानाकर्षित करने पर तलब की। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में फाइल आने पर इस पर विस्तृत चर्चा की जायेगी।
अपर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि पूर्व सैनिकों की व्यक्तिगत और विभागीय समस्याओं व समय से पेंशन वितरण आदि के बारे में सहानुभूतिपूर्वक और प्राथमिकता के आधार पर सहयोग किया जायेगा। इस मौके पर सैनिक कल्याण अधिकारी बसीम खान, सैनिक बंधु कमेटी के उपाध्यक्ष कैप्टन गंगाराम पाल, जितेंद्र सिंह यादव, आशाराम दोहरे, रामजी सिंह, सूबेदार अयोध्या प्रसाद, ज्ञान सिंह, वृंदावन, मुक्ता प्रसाद, जितेंद्र यादव व जेपी गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

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