उरई । उत्पीड़न निवारण अधिनियम को नाकारा बनाने और सरकारी नौकरियों में सामाजिक भेदभाव पर आधारित व्यवस्था के उन्मूलन के लिए आरक्षण के प्रावधान को ख़त्म करने की साजिशें हो रहीं हैं । अगर दलित , पैछड़े और अल्पसंख्यक सचेत न हुए तो उनके अस्तित्व के लिए ख़तरा पैदा हो जायेगा । डास्फ़ी के प्रदेशाध्यक्ष और संयुक्त बहुजन संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप गौतम ने इसके मद्देनजर 2 अप्रैल को भारत बंद के आवाहन को कामयाब बनाने के लिए सभी से लामबंद होने की अपील की ।
उन्होने कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन दमंकारी शक्तियों और उनकी सरकार के हौंसले पस्त करने में योगदान देगा । पूरे देश में खूंखार जातिवादी शक्तियों ने दलितों , पिछड़ों और अल्पसंखयकों पर हमलों का अभियान छेड़ दिया है । इस कारण 2 अप्रैल को इस वर्ग के लोगों को अपने काम बंद रख कर जालिमों को रैली के माध्यम से मुँह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार हो जाना चाहिये ।
प्रदीप ने बताया कि अवध काम्प्लेक्स से रैली की शुरुआत होगी जो झांसी रोड , माहिल तालाब , मुख्य बाजार होते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुँचेगी । शोषित पीड़ित वर्ग के कर्मचारी आकस्मिक अवकाश ले कर रैली में काली पट्टी बांध कर शिरकत करें ।







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