उरई। जाटव समाज विकास महासभा की शहर शाखा की बैठक बघौरा स्थित बलराम जाटव के आवास पर रामनाथ सुमन प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में हुई। जिसे मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष रामशरण जाटव ने संबोधित किया।
इस अवसर पर रामशरण जाटव ने कहा कि धार्मिक आधार पर धुव्रीकरण के बाद हिंदुत्व के नाम पर वर्ण व्यवस्था को फिर से थोपने की कोशिश की जा रही है। इसके चलते जो पूर्वाग्रह हावी हो रहे हैं सारे संस्थान उनकी गिरफ्त में आ गये हैं। उच्चतम न्यायालय का अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के बारे में फैसला इसी परिवेश की देन है जिससे दलितों के दमन का बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हाशिये पर रहीं सभी जातियों को इसे लेकर सोचने की जरूरत है। अगर उन्होंने एकजुट होकर पुनरुत्थानवाद का मुकाबला न किया तो उन्हें फिर से समाज में निम्नतम स्थिति में जीने को मजबूर होना पड़ेगा।
रामशरण जाटव ने कहा कि संगठन को गतिशील तभी बनाया जा सकता है जब समाज शिक्षित होकर कुरीतियों के उन्मूलन के लिए कटिबद्ध हो। प्रदेशीय मंत्री जगदेव प्रसाद प्रधानाचार्य ने कहा कि दलित उत्पीड़न निवारण अधिनियम को यथावत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के उग्र प्रदर्शनों से साबित हो गया है कि इस मामले में किसी तरह के कपटपूर्ण व्यवहार से कितनी खतरनाक और संवेदनशील स्थिति हो सकती है। प्रदेशीय महामंत्री लक्ष्मीनारायण जाटव व शहर अध्यक्ष बलराम जाटव ने वार्ड स्तर पर संगठन के विस्तार की अपील की। बैठक में मुख्य रूप से भगतलाल जाटव, शारदा प्रसाद फौजी, विजय कुमार जाटव, शंकरलाल मास्टर, राजकुमार जाटव, रामकृष्ण जाटव, रणजीत सिंह उपस्थित थे।

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