उरई। शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को भेंट किया जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों में सरकार की हाल की नीतियों और विभिन्न घटनाओं के कारण उत्पन्न हो रही असुरक्षा की भावना पर चिंता जताई गई।
इस अवसर पर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष डा. रेहान सिददीकी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद पुनरुत्थानवादी ताकतों के हौसले बुलंद हो गये हैं। सोशल मीडिया पर जाति सूचक शब्दों के साथ दलितों के खिलाफ बेहद अपमान जनक ढंग से जहर उगला जा रहा है। अगर सरकार का संरक्षण इनको न हो तो आसानी से ऐसे लोग चिन्हित करके उत्पीड़न अधिनियम, साइबर एक्ट व दो वर्गों के बीच विद्वेष भड़काने जैसे मामलों में एक मिनट में मुकदमें कायम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तत्परता से सराहनपुर के दलित नेता चंद्रशेखर रावण को रासुका में निरुद्ध किया वैसी तत्परता देश को गृह युद्ध में झोकनें वाले फेसबुकियों के खिलाफ दिखाने में उसकी नानी क्यों मर रही है।
शहर कांग्रेस कमेटी के महासचिव संतराम नीलांचल ने कहा कि दलितों को अपने दूल्हें की घोड़े पर बैठकर बारात निकालने तक की इजाजत नही दी जा रही। देश में सामाजिक वैमनस्य का ऐसा वातावरण कभी नही था जैसा भाजपा के समय अचानक पैदा हो गया है। दलित उत्पीड़न अधिनियम को बेअसर करके सरकार उनके खिलाफ दमन चक्र तेज करवाने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार देश भक्त नही है वरना देश की एकता को तोड़ने वाली हरकतों को कभी इस तरह हवा नही दी जाती। उन्होंने कहा कि सरकार के घड़ियाली आंसू बहाने से उसकी शातिर मंशा को लेकर लोग भुलावे में नही आ सकते। संतराम नीलांचल ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कांग्रेस के कार्यकर्ता लोगों को सदभाव की सदबुद्धि देने की प्रार्थना के लिए महात्मा गांधी के रास्ते पर चलकर सार्वजनिक रूप से उपवास जैसे कार्यक्रम आयोजित करेगें। उन्होंने कहा कि मुददों को लेकर मतभेद हो सकते हैं लेकिन देश के अंदर इनकी आड़ में बैरभाव का पनपाया जाना किसी भी तरह से शुभ नही कहा जा सकता। प्रदर्शन में लगभग चार दर्जन कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

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