कालपी—उरई । नदियों में खदानों से एक बार फिर लाल सोना यानी बालू खनन का कारोबार शुरू हो गया है। लेकिन इस बार प्रशासन की सख्ती से बालू खनन कारोवार के माहौल काफी बदलाव दिखाई दे रहा है।सुनसान रहने वाले तमाम स्थान एक बार फिर गुलजार होने लगे हैं। ओवरलोड तथा अवैध खनन को रोकने के लिए खदानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराए गए हैं साथ ही इंटरनेट के माध्यम से कंप्यूटरीकृत रॉयल्टी प्रपत्र एम एम 11 ठेकेदार कंपनी के द्वारा ट्रक ड्राइवरों को उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है।
प्राप्त खबर के अनुसार कालपी तहसील क्षेत्र में हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले बेतवा नदी के तटवर्ती भेड़ी घाट तथा बसरेही घाट से बालू की खनन का कारोबार ठेकेदार कंपनी के द्वारा कराया जा रहा है। ओवरलोड तथा अवैध बालू के खनन केकारोबार पर पूरी तरह से नियंत्रण करने के लिए जिला प्रशासन ने तहसील कालपी के राजस्व अधिकारियों तथा कर्मचारियों एंव खनन विभाग को दायित्व सौंपा है। इसी को मद्देनजर रखकर उप जिलाधिकारी सतीश चंद्र, क्षेत्राधिकारी सुबोध गौतम तथा कदौरा थाना प्रभारी निरीक्षक, राजस्व कानूनगो, क्षेत्रीय लेखपाल कई बार बेतवा नदी के खनन क्षेत्रों का भ्रमण कर चुके हैं। ठेकेदार कंपनी से जुड़े संचालक विजय कुमार तथा आनंद कुमार के मुताबिक भेड़ी के बालू घाट पर अलग – अलग एंगल से पांच स्थानों में सीसीटीवी स्थापित कराए गए हैं।खदान क्षेत्र में निर्धारित मात्रा मैं बालू की लोडिंग ट्रकों में कराई जा रही है । इसी प्रकार खदान क्षेत्र मे ही इंटरनेट के माध्यम से कंप्यूटरीकृत खनन रायल्टी प्रपत्र एम.एम.- 11 उपलब्ध कराया जाता है। प्रपत्र में बालू की मात्रा तथा नियत स्थान में बालू लदे ट्रक के पहुंचने का समय भी दर्शाया जाता है। गैर कमर्शियल वाहनों, ट्रैक्टर आदि में खदान के पॉइंट से बालू की लोडिंग नहीं कराई जाती है। बालू के खनन में मजदूरों को भी काम मिलने लगा है। फल स्वरुप बेरोजगारी की समस्या भी दूर होने लगी है। विदित हो कि करीब पौने दो साल बालू का कारोबार न्यायालय के आदेश पर बंद होने के कारण ट्रकों की आवाजाही खत्म हो गई थी। इधर बालू खनन का कारोबार शुरू हो जाने से कालपी, जोल्हूपुर मोड तथा कदौरा के मोटर मार्केट में सन्नाटा पसरा रहता था। मकैनिक, खराद मिस्त्री, मोटर पार्ट्स विक्रेता,ढावा, होटल व्यवसायी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते थे। जोल्हूपुर मोड़ के मिस्त्री लाला के मुताबिक बालू खनन के कारोबार की बंदी के कारण हम लोगों के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो गई थी। इसी प्रकार मोटर पार्ट्स विक्रेता तसव्वर खान ने बताया कि जोल्हूपुर मोड में होटल, ढाबा तथा तमाम दुकाने ट्रक व्यवसाय से जुड़ी हुई है। डेढ़ दो साल से ट्रको का आना-जाना बंदचल रहा था। इधर खदान शुरू हो जाने से जोल्हूपुर मोड में फिर से रौनक लौट आई है। उप जिलाधिकारी सतीश चंद्र ने बताया कि ओवरलोडिंग तथा बालू के अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरीके से गंभीर है। बीते सप्ताह प्रशासन पुलिस तथा परिवहन विभाग के द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में दो दर्जन ओवरलोड ट्रक पकड़े गए थे। चेकिंग अभियान निरंतर गतिशीलता से चलता रहेगा। कालपी नगर से सटे यमुना नदी के तरीवुलदा घाटो से तमाम लोग बोरियों मे बालू लाद कर कालपी कस्बे में बेच कर मोटी कमाई के धंधे में लगे हैं।प्रशासन ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए चिन्हित करने मे लगा है।







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