0एसडीएम ने विज्ञप्ति के माध्यम से वायरल खबर की हकीकत उजागर की

कालपी—उरई । उपजिलाधिकारी कालपी के कार्यालय मे फरियादी के प्रार्थना पत्र के बारे एक खवर की बीडियो वायरल होने पर उच्च अधिकारियों ने हकीकत उजागर करके समाचार पर आपत्ति प्रकट की गई है।

उपजिलाधिकारी कालपी सतीश चंद्र ने विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि बीते 5 अप्रैल को  इंडिया न्यूज लाइव टीवी के कथित पत्रकार अपरान्ह मे कार्यालय में एक शिकायती प्रार्थना पत्र लेकर आवेदक दिलशाद के हक मे आदेश पारित कराये जाने के उद्देश्य से आये तथा प्रशासन को आरोपित करते हुए प्रकरण में हिन्दू-मुस्लिम दंगा की सम्भावना की बात करते हुए कार्यवाही के लिये कहा गया।तब उपजिलाधिकारी के द्वारा प्रति उत्तर में कथन किया गया कि यदि इस प्रकार की कोई कुचेष्टा करने का प्रयास करता है तो उसके विरूद्ध कार्यवाही करते हुये जेल भेज दिया।इस पर मुझसे पूछा गया कि क्या मुझे सम्वाददाता भी जेल भेजा जायेगा। तब उपजिलाधिकारी ने कहा कि प्रकरण से सम्बंधित सभी जिनमें यदि आप भी शामिल होगे तो समान रुप से कार्यवाही की जायेगी।उल्लेखनीय है कि वार्ता के दौरान मुझसे मांगे गये प्रार्थना पत्र को फेकने का रूप देकर प्रसारित किया गया है तो वास्तविक तथ्यों से परे है। उपजिलाधिकारी के मुताबिक उपरोक्त वार्ता को वीडियो मैसेज मे छेडछाड करके गलत रूप मे प्रस्तुत कर वार्ता के वास्तविक सम्वादों को गलत रूप मे प्रसारित किया गया है तथा मैसेज के माध्यम से जनता को गुमराह करके शासन एवं प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

Leave a comment