उरई। नवी की मस्जिद के इमाम हाफिज मंजूद बरकाती की घोषणा के अनुसार अध्यात्मिक पर्व शबेबरात 1 मई मंगलवार को मनाया जायेगा।
इस्लामी मान्यता के अनुसार सूर्यास्त के बाद शाबान माह की चौदहवीं तिथि प्रारम्भ होगी। यह बेहद महिमा वाली है और विश्व भर के मुसलमान इस मौके पर अपने गुनाह से तौबा कर इबादत करेगें।
कब्रिस्तान, दरगाहों, खानकाहों, मस्जिदों व जलसागाहों में हाजिर रह कर इबादत करेगें। इस रात आसमान पर जिन्दिगी, मौत, रोजी का निर्धारण होता है और इंसानों के कर्म का लेखा भी ऊपर उठाये जाते हैं। सूफी जानकार जमाल मकनियां पप्पू थापा ने मोमिलों से आग्रह किया कि मस्जिद, खानकाहों, कब्रिस्तानों की सफाई व रोशनी करें, सारी रात इबादत में गुजारे। लेकिन मर्यादा व शालीनता का दामन न छोड़ें। थापा ने प्रशासन से भी उरई से कालपी मार्ग पर सुरक्षा चौकसी की मांग की है। उन्होंने कहा है कि रात भर जिन मार्गों पर इबादत गुजारों की चहल-पहल रहेगी, उन मार्गों पर प्रशासनिक सजगता की अपेक्षा है।







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