उरई। चार पहिया वाहन से नौसिखिया द्वारा गाड़ी चढ़ा देने के कारण हुई बालक की मौत के मामले को हल्का करने के लिए स्थानीय पुलिस ने एफआईआर में हेराफेरी कर डाली।
टिल्लू पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम ऊमरी मोहल्ला कंजौसा थाना रामपुरा ने जिलाधिकारी को दिये गये पत्र में बताया कि विगत 23 अप्रैल को 9 बजे दिन को दीपू पुत्र पर्वत सिंह कुशवाहा बुलेरो गाड़ी चलाना सीख रहा था। उसके बगल में बैठकर सुरेंद्र कुमार पुत्र गया प्रसाद गाड़ी चलाने के टिप्स दे रहे थे।
इसी बीच दीपू ने उसके साढ़े चार वर्ष के बाहर खेल रहे बेटे आदित्य पर बुलेरो चढ़ा दी। जिससे घटना स्थल पर ही आदित्य की मौत हो गई। इस मामले में घटना के दिन रोज नामचा पर रामपुरा थाने के दरोगा ने दीपू को गाड़ी का ड्राइवर मानकर अभियुक्त बनाया था लेकिन जब इसकी एनसीआर बाकायदा उन्होंने दर्ज की तो हादसे के समय ड्राइविंग सीट पर दीपू की बजाय सुरेंद्र कुमार को बैठा दिखा दिया तांकि इस पर कड़ा एक्शन लेने की जरूरत न रह जाये।
टिल्लू ने अपराध के मिनिमाइजेशन के लिए दरोगा द्वारा की गई हरकत के खिलाफ जांच करने और दीपू को ही उक्त मामले में अभियुक्त मानने की गुहार जिलाधिकारी से लगाई है।







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