उरई। मां ने बेटी को कन्यादान कर विदा किया लेकिन बिडंबना देखिये कि बेटी की डोली मायके से ससुराल पहुंच भी न पाई थी और मां ने इसके पहले ही दुनियां से विदा ले ली।
महेबा विकास खंड के ग्राम नरहान निवासी राजू सिंह चैहान कालपी में मोहल्ला राजघाट में रह रह हैं। उन्होंने अपनी बेटी के शादी 3 मई को पूरी धूमधाम से कालपी के श्याम पैलेस गेस्ट हाउस से की। इस दौरान राजू चैहान और उनकी पत्नी ने हसी-खुशी से कन्यादान कर बेटी को ससुराल के लिए विदा किया।
इसके बाद सभी मेहमानों के साथ पूरा परिवार राजघाट मोहल्ले में उनके घर में वापस आ गया। राजू सिंह की पत्नी पहले से केंसर से पीड़ित थी और शायद उनकी सांसे बेटी के हाथ पीले होते देखने के इंतजार में ही रुकी थीं। इसलिए विदा के कुछ देर बाद ही राजू सिंह के पत्नी की हालत तेजी से बिगड़ी और जब तक उनकों अस्पताल पहुंचाया जाता तब तक उनकी आंखे हमेशा के लिए बंद हो चुकी थीं। हर किसी की जुबान पर बेटी की डोली ससुराल पहुंचने के पहले मां की अर्थी श्मशान पहुंच जाने के दुरुयोग की चर्चा थी। पांच वर्षों से केंसर से जूझ रही राजू सिंह की पत्नी का जिंदगी का सफर दायित्व को पूरा करने के बाद खत्म होने को लेकर लोग इसे इच्छा मृत्यु का उदाहरण बता रहे थे।

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