उरई। शहरी क्षेत्र में गरीबों के लिए संचालित की जा रही निःशुल्क आवास सहायता योजना में जालसाजों ने अपने सींग घुसाकर वसूली शुरू कर दी है। इन शिकायतों के आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने एक परिपत्र जारी कर परियोजना निदेशक डूडा के सीयूजी नंबर 8573002284 व 9454417619 पर ऐसे ठगों की सूचना देने का आग्रह लोगों से किया है। तांकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
सरकार की ढीली-ढाली व्यवस्था के कारण भ्रष्टाचार और जालसाजी के घुन हर योजना को खोखला करने में कारगर होते जा रहे हैं। हाल में प्रधानमंत्री आवास योजना व सबके लिए आवास (शहरी) के तहत व्यक्तिगत आवास निर्माण एवं विस्तार के लिए डूडा ने उरई में 223, कोटरा में 30, कदौरा में 49 और माधौगढ़ नगर निकाय में 3 लाभार्थियों के खाते में 50-50 हजार रुपये की पहली किस्त भेजी है।
एडीएम का कहना है कि इसमें किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली का प्रावधान नही है। लेकिन पता चला है कि कुछ जालसाज लाभार्थियों को गुमराह करके उनसे रुपये ऐठनें की कोशिश कर रहे हैं यह गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का पता चलने पर उनके खिलाफ प्रथम सूचना दर्ज कराई जायेगी।
दूसरी ओर डूडा की कार्यशैली के चलते ठगी करने वालों की पौ-बारह हो रही है। डूडा के सहायक परियोजनाधिकारी को किसी को विभाग की योजनाएं देना गंवारा नही है। जब कोई गरीब इसके लिए उनके कार्यालय पहुंचता है तो वे सामान्य आदमी न रहकर इस तरह उस पर गुर्राने लगते हैं गोया साक्षात कोई कुत्ता इंसानी भाषा में अपना रोल अदा कर रहा हो। उधर डूडा के बाबू अरुण कुमार श्रीवास्तव उगाही के लिए जग प्रसिद्ध हैं। उन्होंने बिना सुविधा शुल्क लिए किसी गरीब को कोई फायदा न पहुंचने देने की कसम खा रखी है।

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