उरई। ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के मुंह में पहुंचाने के मामले में पुलिस आरोपी के प्रति मेहरबान नजर आ रही है। सोमवार को पुलिस के इस रवैये के खिलाफ पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को पार्थना पत्र दिया।
मैकेनिक नगर के गेट के सामने गत 22 अप्रैल को मटर लादकर जा रहे ट्रैक्टर चालक ने लापरवाही से बाइक से आ रहे नया पाठकपुरा निवासी राजकुमार को रौंद दिया था। राहगीरों ने दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक को पकड़ लिया। खबर पाकर डायल-100 भी मौके पर पहुंच गई और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर कोतवाली पहुंचा दिया गया।
इस बीच परिजन राजकुमार के इलाज में व्यस्त रहे। हालांकि उन्होंने 24 अप्रैल को इस बारे में कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया था। लेकिन पुलिस मौत तक का सौदा करने से बाज नही आई। गौरतलब है कि राजकुमार की मौत हो चुकी है। उसकी एक वर्ष पहले शादी हुई थी और पत्नी गर्भवती है। इस परिस्थिति को जानते हुए भी पुलिस ने मानवता को ठेंगें पर रखकर ट्रैक्टर चालक से हमदर्दी जताते हुए उसका माल वापस करा दिया। दुर्घटना के इतने दिन बाद भी इस मामले की लिखा-पढ़ी सही ढंग से नही की जा रही। मृतक राजकुमार के भाई दीपू का कहना है कि उसके गवाहों के बयान तक पुलिस ने दर्ज नही किये हैं। उसने विवेचक पर जमीर बेचने का आरोप लगाते हुए दूसरे किसी दरोगा से मामले की विवेचना कराने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश कर दिये हैं। उन्होंने नगर क्षेत्राधिकारी से मामले की जांच कर न्यायपूर्ण कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं।

Leave a comment