उरई। जिलाधिकारी डा0 मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि पांच सदस्यीय स्वास्थ्य परीक्षण टीमें जो ब्लाॅकों में जाकर स्कूली बच्चों का एवं आंगनवाड़ी केन्द्र के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहीं है। जनपद में यह कार्य बहुत अच्छे से चल रहा है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता बधाई के पात्र है। जनपद में जो बच्चे परीक्षण के उपरान्त अस्वस्थ्य या बीमार पाये गये है। उनके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करना चिकित्सकों का कार्य है। इसे वह वखूबी अपना उत्तरदायित्व समझकर इलाज करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें रिफर करते हुए अन्य स्थानों पर इलाज की सुविधा मुहैया करायें। इसमे किसी प्रकार की लापरवाही न की जाये। इसके साथ ही जो बच्चे सर्जरी हेतु चिन्हित किये जा रहें है उनकी जांच संक्षम स्तर से कराकर उनके सर्जरी आपरेशन कराये जायें। यदि उनके अभिभावक या माता पिता आपरेशन के लिए तैयार नहीं होते है तो उन्हें उन बच्चों के फोटोग्राफ दिखाये जायें जो सर्जरी आपरेशन के बाद ठीक हुए है और सुन्दर लगने लगे है। इसी आधार पर उनके माता पिता को पे्ररित किया जाये। इसी तरह राष्ट्रीय किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के अन्तर्गत संचालित सुविधाओं को किशोरियों को उपलब्ध करायें। उन्हें आवश्यकतानुसार आयन की गोलियां एवं अन्य सुविधायें प्रदान करें। जिससे उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को रोका जा सके और उनको स्वस्थ्य बनाया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अल्पना बरतारिया, डा0 बी0एम0खेर, डा0 प्रेमप्रताप सिंह सहित अन्य चिकित्सक एवं अन्य प्रभारी चिकित्साधिकारी पी0एच0सी0/सी0एच0सी0 उपस्थित रहे।







Leave a comment