उरई। कालपी में श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर बड़ा स्थान के नये महंत के चयन की गहमा-गहमी का पटाक्षेप शुक्रवार को रामकरन दास जी के पदाभिषेक के साथ हो गया। इस अवसर पर हजारों नागा साधु-संत, साध्वियों और शिष्यों का जमावड़ा रहा। 5 मई को एक दुर्घटना के कारण दिवंगत हुए इस गददी के महंत श्री श्री 1008 रामकिशोर दास जी का विशाल भण्डारा भी इस दौरान हुआ।
दो दिन पहले से ही जहां उत्तर भारत भर के साधु संतों का जमावड़ा होने लगा था तो अपने आप मे ंयह सिद्ध कर रहा था कि इस विराट नागा गददी का कितना महत्व है। शुक्रवार को नये महंत के पदाभिषेक में भगवान लक्ष्मीनारायण के दरबार में पधारे प्रमुख महामंडलेश्वर और महंतों ने पीपा पीठाधीश्वर द्वाराचार्य बलरामदास जी महाराज वृंदावन, मंहत राघवेंद्र दास जी महामंडलेश्वर पिरौना, गोपाल दास जी महामंडलेश्वर बंगरा, सिद्धराम दास जी महंत ठडे़श्वरी मंदिर उरई, जमुनीदास जी महाराज महंत बलखंडी देवी कालपी धाम, महंत बृजकिशार दास गोहन, महंत हरीदास जी धौंसा, महंत रामशरण दास जी रंगमहल अयोध्या, गोविंद दास जी महाराज बड़ा फाटक अयोध्या, महंत वृंदावनदास जी महाराज हनुमान टेकरी वृंदावन, महंत निर्भय दास दूधाधारी, महंत शिवपाल दास जैनपुर, महंत बृजभूषण दास भिण्ड, महंत रामगोपाल दास सूरत और महंत मोहनदास कल्लू खेरा आदि शामिल रहे। कार्यक्रम में भारी सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। कोतवाली कालपी, थाना आटा, चुर्खी, सिरसा, कदौरा के इंचार्ज के साथ भारी पुलिस बल और एक कंपनी पीएसी शांति व्यवस्था के लिए मौके पर डटी रही।

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