समाजसेवियों ने की जिलाधिकारी से शिकायत
जालौन-उरई । उपनिबंधक के स्थानांतरण के साथ ही कार्यालय में कमीशनखोरी बढ़ गयी है। सारी अर्हता पुरी करने के बाद भी क्रेता से कमीशन लिया जा रहा है तथा कमीशन न देने पर स्टाम्प चोरी का खौफ दिखा कर पैसा वसूल किया जा रहा है जिसके कारण क्रेता परेशान हैं।
दो दिन पूर्व उपनिबंधक हरपाल वर्मा का स्थानांतरण का तहसील कालपी हो गया है तथा कालपी से अभिनव कुशवाहा को जालौन भेजा गया है। दो दिन पूर्व आए उपनिबंधक के आते ही कार्यालय का स्वरूप बदल गया है। नाम न छापने की शर्त पर क्रेता बताते हैं कि दो प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क के अलावा एक प्रतिशत कमीशन लेते हैं। जो क्रेता कमीशन देने में आनाकानी करतें है उन्हें स्टाम्प चोरी में फंसा देने की धमकी दी जाती है। इसलिए क्रेता परेशानी से बचने के लिए कमीशन देता है। सरकार की मंशा को बट्टा लगा रहे सब रजिस्ट्रार के कारण लोग दो दिन में ही परेशान हो गए। नोट बंदी के बाद से वैसे ही कार्यालय के राजस्व में कमी आ गई है। ऊपर से अधिकारियों की कार्यप्रणाली सरकार को राजस्व का बट्टा लगाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। समाजसेवी नवीन कुमार गुप्ता, दीपक सोनी, सभासद सोमिल याज्ञिक, रईस खान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि कार्यालय में चल रही है कमीशनखोरी की गोपनीय जांच कराकर कार्रवाई की जांए। उपनिबंधक अभिनव कुशवाहा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायत झूठी है।







Leave a comment