उरई। प्रशासन की अनदेखी की वजह से जनपद में अवैध खनन जोरो से जोर पकड़ रहा है। कोटरा में पुल के बगल से अवैध खनन हो रहा है लेकिन प्रशासन को भनक तक नही है। जालौन टाइम्स की टीम गुरुवार को जब मौके पर पहुंची तो उसे वहां दर्जनों की संख्या में मौरम भरे ट्रक दिनदहाड़े खड़े दिखाई दिये।
कोटरा में नियमों की धज्जियां उड़ाकर अवैध खनन किया जा रहा है जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से जानबूझकर आंखें फेरे हुए हैं। कोटरा पुल क्षेत्र नंदा मौजे में आता है जहां खनन के लिए कोई आवेदन नही हुआ था। लेकिन माफियाओं ने इसके बावजूद मेहरबान अधिकारियों को सैय्या भये कोतवाल तो डर काहे का मानकर कोटरा पुल के नीचे खनन के लिए सेंध लगा दी। उनका विश्वास अन्यथा भी नही है क्योंकि वे दिनदहाड़े बिना कागजों के खनन करा रहे हैं और कोई टोक भी नही रहा।
उधर अवैध खनन और अन्य गैर कानूनी कार्रवाइयों का पोषण करने पर प्रशासन में शीर्ष स्तर पर कार्रवाई करने की रणनीति का एलान करते हुए राज्य सरकार ने गुरुवार को फतेहपुर और गोंडा के जिलाधिकारियों को निलंबित कर दिया। जिसके बाद जालौन जिले में भी अधिकारियों की तंद्रा को टूटते देखा गया। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने आज पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह के साथ खनिज अधिकारी व अन्य टीम लेकर कालपी, कदौरा और आटा थाना क्षेत्रों में आकस्मिक तौर पर खनन का जायजा लिया। जिसमें साफ तौर पर उनको बड़ी गड़बड़ियां देखने को मिलीं। इसे लेकर बसरेही व हेमनपुरा के पटटा धारकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही 87 ओवर लोड ट्रकों को इस मौके पर पकड़कर सीज कर दिया गया।






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