उरई। प्रशासन की मक्कारी यूपी की योगी सरकार को भारी पड़ रही है। किसी भी जनसमस्या की शिकायत को मगरूर अधिकारी रददी के टुकड़े से ज्यादा महत्व नही देते। समस्या का निदान करने की बजाय आवेदन को कूड़ेदान में फेंककर आराम करने लग जाना अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वभाव बन गया है। जिससे सरकार के खिलाफ जनअसंतोष भड़कता जा रहा है।
इसका एक उदाहरण रामपुरा विकास खंड क्षेत्र में देखने को मिला। रामपुरा-ऊमरी मुख्य मार्ग के मध्य टीहर गांव में पहला पानी बरसते ही लोगों के घरों में जल भराव शुरू हो गया। जबकि एक महीने से अधिक समय पहले क्षेत्र के प्रमुख युवा भाजपा कार्यकर्ता रमाकांत सोनी ने सहायक विकास अधिकारी को रामपुरा में समय से मुख्य सड़क के किनारे बना नाला साफ कराने के लिए चेताया था। लेकिन मक्कारी की वजह से उन्होंने इस पर कोई गौर नही किया।
गुरुवार को जब बारिश के बाद लोगों के घरों में पानी जाने लगा तब लोगों को खुद नाले से कीचड़ निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। रमाकांत सोनी ने कहा है कि वे अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचायेगें। उन्होंने कहा है कि सरकार को बदनाम कराने वाले अधिकारियों को दंडित कराया जायेगा।

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