उरई। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा संचालित निःशुल्क सरल संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण का समापन डा. शालिगराम शास्त्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में हुआ जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में शैलेंद्र पाठक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर शालिगराम शास्त्री ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है और चरित्र निर्माण में सबसे उपयोगी भाषा है। शिविर के संचालक अमित सामवेदी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्कृत भारतीय का कार्यालय भी रामनगर स्थित संस्कृत महाविद्यालय को बनाया गया है। कार्यक्रम में विनीता पांडेय, अनुज, अभिषेक, कपिल, राजेश वर्मा, अंकित, अभिजीत आदि उपस्थित रहे।

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