कोंच। सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय में बीड एवं बीटीसी विभाग के छात्र छात्राओं के लिये अतिरिक्त कक्षा प्रदान की गई जिसमें गेस्ट लेक्चरर ऋषि बुधौलिया ने कहा कि एकाग्रचित्त होकर किसी भी कार्य को अच्छी तरह से किया जा सकता है। छात्र जीवन में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ किया जाना बाला कार्य अच्छे परिणाम देता है। बिषय को अपनी मेमोरी में सेव करें और जरूरत पडऩे पर उसे रिकॉल करें तभी मन मस्तिष्क परिपक्व हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी हम जो कुछ भी पढते हैं उससे हमारा ध्यान भटक जाता है लेकिन एकाग्रचित्त होकर यदि हम किसी चीज को ग्रहण करेंगे तो वह हमारे दिमाग में बहुत अच्छी तरह से बैठ जायेगी और आगे चल कर हम एक अच्छे शिक्षक बन सकते हैं। एक अच्छा शिक्षक बनने के लिये सिर्फ अच्छी पढाई ही काफी नहीं है बल्कि शिक्षा के साथ संस्कार भी बहुत जरूरी हैं। यदि हम संस्कारित होंगे तो दूसरों की मदद करने का भाव हमारे अंदर पैदा होगा। संचालन डॉ. मृदुल दांतरे ने किया। इस दौरान कॉलेज के डायरेक्टर आशुतोष हूंका, कोऑर्डिनेटर कन्हैया नीखर, प्राचार्या डॉ. सावित्री गुप्ता, ब्रजेन्द्रसिंह, सरताज खान, अखिलेश चौहान, राघवेन्द्र, राधेश्याम, मनोजकुमार, विवेक श्रीवास्तव, हेमंत चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।







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