उरई। महेबा ब्लाक के अभैदेपुर स्थित बृजकिशोर विष्णु कुमार महाविद्यालय में वन महोत्सव के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया। बाद में महाविद्यालय परिसर में उपस्थित लोगों ने पौध रोपण भी किया।
इस अवसर पर न्यामतपुर क्षेत्र के वन रेंज अफसर लालू सिंह ने लोगों को मानव जीवन के अस्तित्व के लिए वनों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जंगलों के सफाये की वजह से ही मौसम चक्र बिगड़ा है। समय पर मानसून की बारिश नही हो पा रही। जिसका बहुआयामी खामियाजा जनजीवन को उठाना पड़ रहा है। लालू सिंह ने कहा कि वन महोत्सव 1960 में जब केएम मुंशी कृषि मंत्री थे तब से मनाया जा रहा है। यह महोत्सव 1 जुलाई से 7 जुलाई तक आयोजित होता है।
समाजसेवी राममोहन चतुर्वेदी जरारा ने कहा कि सभी पेड़ों के साथ नीम का पेड़ बेहद उपयोगी है। जिससे आयुर्वेदिक औषधियां बनती हैं। सुरेश सिंह खेरा महासचिव किसान यूनियन ने कहा कि नीम के पेड़ से जैविक खाद तैयार कर खेतों में लगाये जिससे केमिकल युक्त खाद से खेती को बचाया जा सके। प्रधान सतराजू बाबू सिंह ने भी वनों की निराली छटा का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जंगल होने पर पर्यावरण अपने आप शुद्ध रहता है। जिससे लोग बीमारियों से बचे रहते हैं। चंद्रपाल सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वनों की पूजा देवता के रूप में होती है। वन हमें इतना देते है कि उनके आभार से मानव जीवन मुक्त नही हो सकता। न्यामतपुर के बुद्ध सिंह ने भी स्वस्थ समाज के लिए वनों के संरक्षण का आवाहन किया। चंद्रपाल सिंह पूर्व प्रवक्ता, डिप्टी रेंजर बृजराज सिंह, वन दरोगा नारायण दास, फारेस्टर रविंद्र प्रजापति, अजय पाल सिंह मलथुआ, सुरेश सिंह खल्ला, विद्यालय प्रबंधक राजू पाठक, अरविंद्र कुमार पाठक, वीडी बुंदेला, प्रो. महेंद्र पाल सिंह, अमरेंद्र सिंह ने भी विचार प्रकट किये। संचालन वन दरोग महिपाल सिंह ने किया।







Leave a comment