उरई। विकास खंड के ग्राम नीमगांव में लगभग एक सप्ताह से तालाब में मृत गायों के सड़ने के कारण महामारी का अंदेशा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे उच्चाधिकारियों को फोन पर इसकी जानकारी दे चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है।
अन्ना प्रथा के कारण जिले भर में किसान फसलों की रखवाली को लेकर परेशान हैं। कई किसानों ने आरी वाले कांटेदार तारों की बाड़बंदी खेतों में कर रखी है। जिससे उलझकर आये दिन आवारा गायें जान गंवा रही हैं। नीमगांव में भी एक सप्ताह पहले दो गायें आरीदार तारों में उलझकर घायल हो गई जिन्होंने तालाब के पास दम तोड़ दिया। तब से इन गायों के शव तालाब में ही पड़े हुए हैं। शिवशंकर सिंह, रामशंकर, अमोल सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि आरीदार तारों की बाड़ पर रोक होने के बावजूद प्रशासन तो ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर पा रहा है। दूसरी ओर मृत गायों के शव सड़ने से गांव में महामारी का खतरा होने के बावजूद प्रशासन इनको उठवाने की भी कोई फिक्र नही कर रहा है। लोगों में इसे लेकर जबर्दस्त रोष है।






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