उरई|  जीसीए संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा निवेशकों की जीसीए कंपनी में फंसे करोड़ों रुपए दिलाए जाने के लिए विगत 1 वर्ष से कानून के दायरे में संघर्ष चलाया जा रहा है । जिला प्रशासन को मालूम है कि जिले के मजदूरों किसानों की मेहनत की कमाई कंपनी हड़प कर गई है। जिसे निकलवाने के लिए प्रशासन ने कुछ नहीं किया। इसके उलट जो लोग जनता का पैसा निकलवाने  के लिए जद्दोजहद कर रहे थे उन्हीं के ऊपर संगीन धाराओं में मुकदमा  पंजीकृत कर दिया गया है। यह प्रशासन का जन विरोधी कृत्य योगी मोदी सरकार के कंपनी राज का असली चेहरा उजागर करता है मोदी सरकार के साढे 4 साल ललकार ललकार का बता रहे हैं कि यह सरकार पिछली सरकारों से कई कदम आगे बढ़कर कंपनी राज की वफादारी साबित करने में आगे रही हैं मोदी सरकार ने कंपनियों के बेरोकटोक व्यापार व मुनाफा के लिए सैकड़ों श्रम कानूनों को खत्म कर दिया या कमजोर कर दिया। जिन्हें इस देश की मेहनतकश जनता ने अपने संघर्षों के बल पर हासिल किया था। नौजवान भारत सभा सरकार से मांग करती है कि जीसीए संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर लगे फर्जी मुकदमों का तत्काल खारिज किया जाए तथा निवेशकों का कंपनी द्वारा हड़पा गया रुपया तत्काल वापस किया जाए।

 

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