उरई । उरई विकास प्राधिकरण क्षेत्र में कृषि भूमि में आवासीय प्लाटों की बिक्री पर तलपट मानचित्र की पूर्व में स्वीकृति को आवश्यक बनाये जाने और विकास शुल्क थोपे जाने का विरोध कर रहे बैनामा लेखकों के कार्य बहिष्कार के कारण एक सप्ताह से रजिस्ट्री विभाग का काम ठप्प है जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि झेलनी पड़ रही है । इसी क्रम में सोमवार को उन्होने कलेक्ट्रेट में डीएम के पोर्च में जमकर जिला प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की ।

बैनामा लेखकों ने लिखित ज्ञापन में जिलाधिकारी से कहा कि  उरई विकास प्राधिकरण की महायोजना 2013 किसानों द्वारा लगायी गई आपत्तियों के कारण विचाराधीन होने से लागू नहीं है जिसके कारण नया आदेश विधि संगत न होने के आधार पर इसे निरस्त किया जाये । इसके अलावा उन्होने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर भी आकर्षित कराया कि कृषि भूमि में जो प्लाट विक्रय किए गए थे उनमें आवासीय और व्यावसायिक इमारतें बन जाने के वाबजूद अभी तक उरई विकास प्राधिकरण ने कोई विकास कार्य नहीं कराया है जिससे विकास प्राधिकरण की कर वसूली के औचित्य पर सवालिया निशान लगा हुआ है ।

प्रदर्शन करने वालों में अजय कुमार द्विवेदी , अनुराग वेद , अभिषेक तिवारी , अतीकुर्रहमान , दीपेन्द्र श्रीवास्तव , संतोष कुमार पाल , भरत कुमार मिश्रा , मानवेन्द्र सिंह पाल , शैलेन्द्र तिवारी , दिग्विजय सिंह , अरविंद गुप्ता , अतुल वाजपेयी , अब्दुल कयूम , जयंत पाठक , शैलेन्द्र तिवारी , तरुण चौरसिया गोविंद प्रजापति आदि मुख्य रूप से शामिल थे ।

 

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