उरई । उत्कृष्ट काव्य कृतियों के रचयिता जगतपाल सिंह को अंतरराष्ट्रीय सेवी संस्थान प्रयागराज द्वारा साहित्य में उनके विलक्षण योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रभाषा गौरव की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया है ।

साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट काव्य कृतियों से बुंदेलखंड में अनूठी छाप छोड़ने वाले जगतपाल सिंह राजावत का जन्म 15 अगस्त 1959  को मध्य प्रदेश के भिंड जिला अंतर्गत छोटे से गांव असनेट में हुआ लेकिन वर्ष 1981  में वे  उत्तर प्रदेश में नलकूप विभाग की सेवा में आ गए और वर्ष 1987 से अब तक ग्राम जगम्मनपुर में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं । बुंदेलखंड के लोकगीत सम्राट कहे जाने वाले देशराज पटेरिया के साथ मंच साझा करने वाले कवि ,साहित्यकार जगतपाल सिंह ने अपने लेखन में अनूठी छाप छोड़ी है । वर्ष 2000 में अमेरिकन बायोग्राफिकल इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा इन्हे मेन ऑफ द ईयर चुना गया । वर्ष 2018 में अंतरराष्ट्रीय हिंदी सेवा सेवी संस्थान प्रयागराज द्वारा जगतपाल सिंह को गत वर्षो की संपादित- क्रियान्वित विशिष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्रभाषा गौरव की मानद उपाधि से अलंकृत तथा सम्मानित किया गया  । प्रयागराज में अलंकरण समारोह के अवसर पर प्रदेशभर से विद्वान साहित्यकार एवं इस विधा के पुरोधा उपस्थित थे । जगतपाल सिंह को सम्मानित किए जाने से समूचा जनपद जालौन तथा ग्राम जगम्मनपुर अपने आप को सम्मानित तथा गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

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