उरई। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री और अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने हनुमान जी को दलित बताने के यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि भगवान को ले कर अनावश्यक बहस को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिये । भगवान की कोई जाति नहीं होती , भगवान तो सभी के होते हैं ।

लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में रविवार को अल्पविश्राम के दौरान पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में अनुप्रिया पटेल ने  कहा कि अयोध्या विवाद को उच्चतम न्यायालय पर छोड़ दिया जाना चाहिये ।  उनसे पूंछा गया कि अगर भाजपा विवादित स्थल पर मंदिर बनाने के लिए अध्यादेश लाने को केंद्र सरकार से कहती है तो आपकी पार्टी का रुख क्या होगा , अनुप्रिया पटेल ने कहा कि ऐसी परिस्थिति आने पर अपना दल पार्टी फोरम पर चर्चा करके निर्णय लेगा  । उन्होने एक नेता के बात न मानने वाले अधिकारी का हाथ काट लेने के बयान पर कहा कि नेताओं को असंयमित बयानबाजी से बचना चाहिये । जायज काम न करने वाले अधिकारी के ख़िलाफ़ ऐसे बयान देने की बजाय उचित फोरम पर शिकायत दर्ज करा कर उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करानी चाहिये ।

2019 के लोकसभा चुनाव को ले कर उन्होने कहा कि एनडीए में हिंदुत्व की बजाय विकास के एजेंडे पर जनता के बीच जाने की सहमति रही है । उन्होने कहा कि उज्जवला योजना और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना जैसे गरीबों की भलाई के लिए चलाये गए कई कार्यक्रम हैं  जिनकी चर्चा करके हम लोगों का दिल जीत सकते हैं । कुछ सहयोगी दलों द्वारा पर्याप्त सीटें न मिलने पर एनडीए में रहने , न रहने के बारे में पुनर्विचार करने के अल्टीमेटम के बारे में जिक्र करने पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उनके दल के भाजपा से शुरू से अच्छे रिश्ते रहे हैं इसलिये हमें ऐसे अल्टीमेटम की जरूरत नहीं है । अपना दल के जिलाध्यक्ष रामराजा निरंजन भी मौजूद रहे ।

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