उरई। जालौन विकास खंड के जगतपुर अहीर गांव के बाशिंदे अर्से से तालाब बचाने के गुहार लगा रहे हैं जिसकी अनदेखी जल संरक्षण के सरकारी दांवों की पोल खोल रही है।
ग्राम के निवासी श्याम प्रताप सिंह ने बताया कि उनके गांव में 2 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल का पुराना तालाब 35 वर्षों से सूखा पड़ा है। पुराने समय में यह तालाब गूलों के जरिए आने वाले वर्षा जल से भर जाता था। लेकिन इन पर लोगों ने कब्जा करके मूंद दिया। जिससे तालाब सूखा बना रहने के लिए अभिशप्त हो गया है।
उन्होंने बताया कि 2017 में लघु सिचाई विभाग ने 33 लाख रुपये की लागत से तालाब के सुंदरीकरण, गहरीकरण, तट निर्माण व फैसिंग के कार्य कराये थे लेकिन वर्षा जल संग्रह के मूल उददेश्य के लिए कोई कार्य नही कराया गया। जिससे यह लागत बेमानी खर्च हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर से तालाब के लिए बनी नाली को अगर दुरुस्त किया जा सके तो वर्षा जल संग्रह का स्थाई समाधान हो सकता है। क्या प्रशासन के जिम्मेदार इस ओर ध्यान देगें।

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