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फोरलेन पर सांकेतिक धरने के बाद किसान संघर्ष मोर्चा ने पुलिस की चाक चैबन्द व्यवस्था के बीच सौंपा ज्ञापन
उरई। कृषि कानूनों के खिलाफ शनिवार की सुबह जिला किसान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में फोरलेन पर बडागांव के पास सांकेतिक धरना देकर प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेंट किया गया जिसमें तीनों कृषि कानूनो को रदद किये जाने के अलावा एमएसपी को कानूनी तौर पर बाध्यकारी बनाने और किसानों व पत्रकारों पर इसके विरोध में आन्दोलन करने के दौरान दर्ज किये गये मुकदमें खत्म करने और आन्दोलन के दौरान शहीद हुये किसानों के आश्रितों व उत्पीडन के शिकार पत्रकारों को मुआवजा दिलाने की मांग की गयी ।
इसके पहले आन्दोलन में जोश भरने के लिये प्रख्यात गायक मिर्जा साबिर बेग ने कई प्रासंगिक फिल्मी तराने गाये। अपना दल के कार्यकर्ता कुलदीप चतुर्वेदी ने भी पैरोडिया गाकर पूरी भीड को अपने कोरस में शामिल कर लिया ।
इस बीच प्रशासन और पुलिस ने आन्दोलन की पैनी निगहबानी की। एनएच पर आन्दोलन की सूचना पहले से ही होने के कारण पुलिस का भारी बन्दोबस्त था। सीओ सिटी संतोष कुमार और शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुधाकर मिश्रा के अलावा एसएचओ कोटरा दीपांशु पटेल , डकोर के थानाध्यक्ष एके सिंह , महिला थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी आदि भी अपनी अपनी टीम के साथ मोर्चा सम्भाले रहे ।
बाद में अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह , अपर पुलिस अधीक्षक डा0 अवधेश कुमार सिंह और सिटी मजिस्टेªट सुनील कुमार शुक्ला के साथ मौके पर पहुंचे जहां किसान संघर्ष मोर्चा के संयोजक का0 कैलाश पाठक ने उनको ज्ञापन सौपा ।
प्रदर्शन में किसान मंच के राष्ट्रीय ंसयोजक सुरेश निरंजन भइया जी , पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी , पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी , समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह दादी , अशोक गुप्ता महाबली , गिरेन्द्र सिंह कुशवाहा , पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक द्विवेदी , पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द यादव , पूर्व प्रतिनिधि विधायक कालपी सुरेन्द्र सिह सरसेला , विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी प्रदीप दीक्षित , महेश द्विवेदी सर , महेन्द्र भाटिया , महेन्द्र कठेरिया , रेहान सिददीकी, सुरेन्द्र बजरिया , सुरेन्द्र मौखरी, शफीकुर्रहमान कश्फी , अम्बरीश श्रीवास्तव , वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा, का0 राजीव कुशवाहा , का0 रामसिंह , हरीशंकर याज्ञिक , गोपाल जी मिश्रा, चै0 श्याम सुन्दर , अंशुमन सिह सेंगर , जयवीर यादव आदि शामिल रहे।

उन्होने कहा कि पीठासीन अधिकारी का दायित्व निभाने में उनकी आन्तरिक अभिरूचि रहती है और उन्हें एक बार फिर अपने मन की जिम्मेदारी मिल गयी है जिससे वे बेहद खुश और उत्साहित है। बुन्देलखण्ड से सम्बन्धित सवालों को उनके कार्यकाल में प्राथमिकता मिलने की अपेक्षा को लेकर उन्होने कहा कि यद्यपि उन्हें भी अपनी गृह भूमि होने से बुन्देलखण्ड से विशेष लगाव है लेकिन सदन में सवाल पूछने को लेकर कुछ प्रक्रियायें और नियम रहते है जिसके दायरे में रहकर सभापति को कार्य करना पडता है। ऐसे में क्षेत्र या अंचल विशेष के सवालों को तरजीह देने का प्रश्न ही नहीं उठता ।
कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार ने उन्हें उच्च सदन का प्रोटेन स्पीकर बनाकर बुन्देलखण्ड का गौरव बढाया है जिसके मददे नजर बुन्देलखण्ड के लोग उसके शुक्रगुजार है। उनका झांसी तक रास्ते भर बुन्देलखण्ड में स्वागत सरकार के प्रति इस आभार की भी अभिव्यक्ति मानी जानी चाहिये ।

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