ड्रोन तकनीक से अमखेडा में घरौनी के लिये सर्वे

माधौगढ-उरई। स्वामित्व योजना के अन्तर्गत तहसील क्षेत्र के अमखेडा गांव में डेªान तकनीक से सर्वे किया गया ।
ज्ञात हो कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गृह स्वामियों के पास अपने मकान से सम्बन्धित कोई अभिेेलेख नहीं होते है। ग्रामीण पीढी दर पीढी अपने पैतृक मकान में रहते चले आ रहे है जिससे वे उसे अपनी सम्पत्ति मान रहे होते है लेकिन उस मकान के स्वामित्व के समर्थन में उनके पास कोई उचित प्रमाण पत्र नहीं होता है। इसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना का शुभारंभ किया गया है जिसके तहत गृह स्वामियों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराये जायेगें । इससे बैंको से ऋण लेने व अन्य वित्तीय लाभों के लिये वे अपने मकान का उपयोग करने में सक्षम हो जायेगें।
ग्रामीणों की आवासीय सम्पत्ति के व्यक्तिगत सीमांकन के अतिरिक्त ग्राम पंचायतों व सामुदायिक सम्पत्ति जैसे गांव की सडके , तालाब , नहरे , खुले स्थान , स्कूल , आंगनवाडी , पुराने पंचायत भवन , दुकानें , पार्क , स्वास्थ उपकेन्द्र आदि का भी रिकार्ड तैयार होगा । यही नहीं जीआईएम मानचित्र बनाये जायेगंे।
इस योजना का उद्देश्य विवादों व कानूनी मामलों को कम करना है । ड्रोन सर्वे के बाद इसका भौतिक सत्यापन होगा जिसके आधार पर डिजिटल नक्शे बनाये जायेगें । तदोपरान्त खेतों की खतौनी की तरह घरों की घरौनी का कार्ड दिया जायेगा। इस कडी में बुधवार को अमखेडा में ड्रोन तकनीक से सर्वे किया गया। ड्रोन कैमरा टीम के साथ राजस्व निरीक्षक मुलायम सिंह , मंसूर अली खंान , अंजली, निवर्तमान प्रधान रामशरण दौहलिया , पवन तिवारी , सुनीलकुमार सोनकर, सुनील , विष्णुदयाल, जयचन्द्र, अंजनी कुमार एवं अन्य ग्रामीण जन मौजूद रहे।

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