माधौगढ़। भारतीय स्टेट बैंक माधौगढ़ और नावार्ड के संयुक्त तत्वावधान में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन बैंक परिसर के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमियों को बैंक की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना एवं बैंक ऋण प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित रहा। प्रमुखत: ऋण की औपचारिकता, प्रतिभूति बिना ऋण एवं ऋण गारंटी न्यास, समय पर ऋण का पुनर्भुगतान विषय पर जानकारी को विशेष महत्व दिया गया।इस दौरान इंटरनेट बैंकिंग/एटीएम/मोबाइल बैंकिंग एवं ग्राहक सेवा केंद्रों पर लेनदेन के समय आवश्यक सावाधानियों पर भी विशेष रूप से ग्रामीण ग्राहकों को जानकारी प्रदान की गई। बैंक ग्राहकों को फर्जी जमा योजनाओं से बचने एवं अपने एटीएम पासवर्ड किसी को भी नहीं बताने की सलाह भी दी गई। शिविर में भारतीय स्टेट बैंक इटावा के मुख्य प्रबंधक राजवीर सिंह ने सभी ग्राहकों को होशियार, समझदार और जिम्मेदार बनने के तीन गुण बताए। होशियार बनने के लिए अधिकृत वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने को कहा जबकि समझदार बनने के लिए लोगों को उतना ऋण लेना चाहिए जिसको समय पर वापस कर सकें। वहीं जिम्मेदारी का मतलब अपनी ईएमआई और ऋणों की देनदारी समय पर चुकता कर अपनी साख बढ़ाने से होता है। लीड बैंक के प्रबंधक अनुपम कुमार गुप्ता ने नावार्ड द्वारा संचालित योजनाओं और सब्सिडी के बारे में बताया। शाखा प्रबंधक अजय कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान आशीष कुमार डिप्टी मैनेजर, हेमंत कुमार फील्ड आफिसर,अभय सिंह, राजेंद्र कटियार, चंद्रभान सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, प्रभात यादव, मनीष पांडेय, रामगोपाल शिवहरे, मुन्ना और विद्याराम उपस्थित रहे।

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