जिला पंचायत अध्यक्ष की अपनी रसोई की धूम , साबित कर रहे राजनीति सचमुच होती है सेवा और परोपकार का माध्यम

उरई | सेवा के लिए राजनीति करने की दुहाई हर कोई देता है लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी उन विरले नेताओं में से हैं जो इस मामले में कथनी और करनी के अंतर को पाटने की कोशिश में लगे रहते हैं | अपनी रसोई का संचालन परोपकार के उनके इसी जज्बे को दिखाता है | दीपोत्सव के पाँचों दिन में एक भी दिन उन्होंने रसोई बंद नहीं होने दी जिससे त्यौहार में कोई भूखा न रह सके |

अपनी रसोई की आयोजना के तहत सिर्फ पांच रूपये में प्रतिदिन सैंकड़ों जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है और इस दौरान भोजन परोसने का काम अनुरागी स्वयं अपने हाथ से करते हैं | उनका कहना है कि भूखों को भोजन करा कर वे स्वयं को धन्य अनुभव करते हैं | उनकी देखादेखी हर रोज अन्य गणमान्य भीअपनी रसोई में  भोजन परोसने के लिए आ कर पुण्यलाभ के लिए आतुर होने लगे हैं |

अनुरागी की पहल दूसरे नेताओं के लिए उदाहरण है | उनके साथियों ने बताया कि पांच रूपये की टोकन मनी का प्रावधान इसलिए रखा गया है ताकि किसी भूखे का स्वाभिमान आड़े न आये |    

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