जालौन-उरई । ग्राम कुठौंदा में स्वीकृति के वाबजूद अभी तक गो शाला का निर्माण शुरू न हो पाने से लोगों को बेचैनी हो रही है क्योंकि मवेशी छुट्टा रहे तो किसानों की फसल कैसे बचेगी |

       विकास खंड के कुठौदा बुजुर्ग में 2020 में खुली बैठक में ग्रामीणों की मांग पर गोशाला खोलने का निर्माण हुआ था। 2 वर्ष बीतने के बाद गांव में अभी तक अस्थायी गोशाला का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। गांव में गोशाला न होने के कारण अन्ना जानवर खेत में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। ग्रामीण सोबरन सिंह, गजेन्द्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में गोशाला बनाया जाना स्वीकृत है। इसके बावजूद ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही के चलते अभी तक गोशाला के लिए भूमि का चयन नहीं किया जा सका है। गोशाला न बनने से अन्ना पशु खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसानों को रात रात भर जागकर अपने खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इसके बावजूद फसल सुरक्षित नहीं है क्योंकि पशुओं के झुंड के आगे किसान भी बेबस हो जाते हैं।ग्रामीणों ने एस डी एम शना अख्तर मंसूरी को ज्ञापन देकर गांव में अस्थायी गोशाला शुरू कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में गजेन्द्र सिंह, अवधेश सिंह, पंकज सिंह, जय करन सिंह   गौरीशंकर, इंदल, रामसजीवन, अनंत सिंह, अमरेन्द्र सिंह, अनुज कुमार, विशम्भर दयाल, मुलायम, राजभान, पुरुषोत्तम, राघवेंद्र आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।

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