जालौन-उरई । शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवक ने घर में आंगन में लगे जाल में रस्सी का फंदा डालकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर मौक पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को आसपास के लोगों की मदद से नीचे उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। 

कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भवानीराम निवासी छत्रसाल इंटर कॉलेज के अध्यापक रामजीलाल के एक पुत्र दीपांशु गहोई (24) हैं  जो इलाहाबाद में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहा था। उनकी दो बेटियां नियति और प्रिया भी बाहर रहकर पढ़ाई कर रही हैं। दीपावली के पर्व से पूर्व दीपांशु घर आया था। तभी से वह घर पर था। घर में सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था। गुरूवार को पिता रामजीलाल विद्यालय गए थे। घर पर मां सुनीता देवी और दीपांशु अकेले थे। दोपहर करीब 12 बजे दीपांशु ने अपनी मां को बैग सही कराने के लिए बाजार भेज दिया। मां के जाने के बाद घर में अकेले दीपांशु ने आंगन में लगे जाल में रस्सी का फंदा बनाकर फंसा लिया और दूसरा सिरा अपने गले डालकर उस पर लटक गया। जब तक मां बाजार से लौटकर आई तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घर पहुंचने पर जैसे ही मां सुनीता ने दीपांशु के शव को रस्सी पर झूलता देखा तो उनकी चीख निकल गई। आसपास मोहल्ले के लोग घर में पहुंच गए। उन्होंने इसकी सूचना पिता और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसआई तेज नारायण तिवारी मौके पर पहुंच और उन्होंने आसपास के लोगों की मदद से शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पिता ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा काफी होनहार था। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहा था। सुबह तक ऐसा कुछ लगा नहीं कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। फांसी लगाने का कोई कारण समझ में ही नहीं आ रहा है। वहीं, बेटे के शव को देखकर मां का रो रोकर बुरा हाल था।

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