
माधौगढ़-उरई | नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा मजबूत तैयारी में जुटी है। चुनाव से संबंधित प्रभारी,संयोजक से लेकर पन्ना प्रमुख की रोज मीटिंग कर वार्ड तक मतदाताओं में मजबूत पैठ बनाई जा रही है। सत्ता की चाबी हाथ में होने के कारण मतदाताओं को रिझाना भाजपा के लिए आसान होगा। जबकि बसपा और सपा को मुकाबला कड़ा करना पड़ेगा। हालाकि मुकाबले के लिए बसपा और समाजवादी पार्टी साइलेंट मॉड में अपनी तैयारी करने में जुटी हुई है। भाजपा के पास वर्तमान में नगर पंचायत सीट है तो उसके हौसले इस कारण भी बुलंद हैं ।
अभी तक निकाय चुनाव का आरक्षण नहीं हुआ है फिर भी नगर में भाजपा और अन्य दलों के प्रत्याशियों के बैनर,पोस्टर और होर्डिंग्स जगह-जगह लगे हुए हैं। पांच साल तक मुंह फेरने वाले लोग अब चुनाव के चक्कर में पैर छूने और राम-राम करने लगे हैं।
भाजपा मोदी , योगी के नाम पर फिर से चुनाव जीतने का दंभ भर रही है तो बसपा और सपा के लोग वर्तमान अध्यक्ष की नाकामी का प्रचार कर मतदाताओं को अपनी ओर लुभा रहे हैं। फ़िलहाल तो पूरा मामला आरक्षण पर टिका हुआ है,रोटेशन प्रणाली लागू हुई तो सामान्य महिला सीट का आना तय है लेकिन राजनैतिक या अन्य कोई पेंच फंसा तो सीट बदल जाएगी। सामान्य सीट पर मुकाबला रोचक होने वाला है,पहली बार नगर में सामान्य सीट पर वैश्य,ब्राह्मण और क्षत्रिय में त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिलेगा,इसके पहले ब्राह्मण और वैश्य ही मजबूत संख्या में था लेकिन इस बार क्षत्रिय भी ताकत से चुनाव मैदान में होगा। सामान्य सीट पर बसपा और भाजपा से ब्राह्मण और वैश्य ही दावेदार हैं,जबकि सपा से क्षत्रिय और परिस्थिति अनुसार मामूली तौर पर ब्राह्मण पर विचार किया जा सकता है। अब देखना यह है कि नगर का मतदाता जातिगत समीकरण पर वोट करता है कि विकास,भ्रष्टाचार ,कमीशनबाजी,गौशाला जैसे मुद्दे पर वोट करेंगे |








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