उरई (सू0वि0)।

जनपद के प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) कारागार एवं होमगार्ड विभाग धर्मवीर प्रजापति ने यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 जनपद के निवेशको से विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में संवाद किया व निवेशकों को निवेश से संबंधित लगभग 07 मिनट की वीडियो क्लिप दिखायी गयी | साथ ही निवेशकों की समस्याओं का निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री जी व मुख्यमंत्री जी का विजन है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया जाये। उन्होने कहा कि यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 आयोजन राज्य सरकार ने कराया जिसमें 21 देशों से सहभागिता की गयी जिसमें से 10 देशों जैसे- नीदरलेण्ड, यूनाइटेड, किंगडम, डेनमार्क, सिंगापुर, जापान, संयुक्त अरब अमीरात, आस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, इटली एवं मारीशस ने यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 में पार्टनररशिप की। उन्होने कहा कि समस्त सहभागी देशों ने समिट के दौरान प्रदर्शनी में अपनी व्यवसायिक क्षमता का प्रदर्शन किया साथ ही 41 देशों के लगभग 1000 से अधिक प्रतिनिधियों ने समिट में भाग लिया। राज्य सरकार ने 16 देशों के 21 शहरों में अंतर्राष्ट्रीय निवेशक बैठक की, इन देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, बेल्जियम, स्वीडन, नीदरलेण्ड, फ्रांस, मैक्सिकों, ब्राजील, अर्जेन्टीना, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, आस्ट्रेलिया आदि सम्मिलित हैं। उन्होने कहा कि मुम्बई, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, अहमदाबाद, नागपुर और चण्डीगढ़ सहित भारत के 10 शहरों में राज्य सरकार द्वारा रोड-शोज निवेशक सम्पर्क अभियान आयोजित किये गये |  साथ ही प्रदेश के सभी 75 जनपदों में जिला स्तरीय रोड-शो तथा 25 विभागीय क्षेत्र विशिष्ट इन्वेस्टर्स मीट आयोजित की गयी। उन्होने उत्तर प्रदेश सरकार ने आईटी/आईटीईएस डेटा सेन्टर, ईएसडीएम डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रिक वाहन, वेयरहाउसिंग एवं लाॅजिस्टिक्स, पर्यटन, टेक्सटाइल एमएसएमई आदि सहित कई सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिये 25 नीतियों को तैयार करके विकास के लिये एक समग्र इकोसिस्टम बनाने के लिये कदम उठाये। उन्होने कहा कि लगभग 170 एमओयू पर विदेश कम्पनियों द्वारा हस्ताक्षर किये गये ऐसी कम्पनियों से प्रस्तावित निवेश की धनराशि लगभग 6,85,000 करोड़ रूपये है। उन्होने कहा कि पूर्व की सरकारों ने पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने से वंचित रखा। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में उद्योग स्थापित कर रहे हैं ताकि युवाओं को रोजगार, उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाया जा सके। उन्होने कहा कि पूर्वांचल में 4804 निवेश प्रस्ताव, 687040.67 करोड़ का निवेश, बुन्देखण्ड में 908 निवेश प्रस्ताव, 368098.18 करोड़ से निवेशकों द्वारा निवेश किया जायेगा जिससे युवाओं को अधिक रोजगार प्राप्त होगे। उन्होने कहा कि प्रदेश के प्रति एक क्षेत्र में जनपद में निवेश आकर्षित हुआ। निवेश सारथी पोर्टल के माध्यम से सम्पूर्ण प्रदेश में 33.52 लाख करोड़ के कुल 19250 एमओयू हस्ताक्षर किये। पूर्वांचल में 10821 निवेश प्रस्ताव, 1769788.84 करोड़ का निवेश, मध्यांचल में 2713 निवेश प्रस्ताव, 362625.33 करोड़ का निवेश एवं विभिन्न स्थानों में 04 निवेश प्रस्ताव, 165000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। उन्होने कहा कि बुन्देखण्ड के सभी 07 जिलों में निवेशकों द्वारा निवेश किया जा रहा हैं बांदा में 117 एमओयू, प्रस्तावित निवेश 9982.77 करोड़, चित्रकूट में 208 एमओयू, प्रस्तावित निवेश 63158.50 करोड़, हमीरपुर में 111 एमओयू, प्रस्तावित निवेश 2069.90 करोड़, जालौन में 62 एमओयू, प्रस्तावित निवेश 50672.78 करोड़, झांसी में 223 एमओयू, प्रस्तावित निवेश 185921.50 करोड़, ललितपुर में 90 एमओयू, प्रस्तावित निवेश 216389.64 करोड़, महोबा में 97 एमओयू, प्रस्तावित निवेश 23268.68 करोड़ से निवेश किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डा0 घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, विधायक माधौगढ़ मूलचन्द्र निरंजन, जिलाधिकारी चाँदनी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डा0 अभय कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) पूनम निगम, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विशाल यादव, उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव, सहायक उपायुक्त उद्योग योगेश कामेश्वर सहित निवेशक मौजूद रहे।

Leave a Reply