उरई।
कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बजरंग दल के विरोध की आंच जालौन जिले तक भी आ पहुंची। शुक्रवार को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए विरोध प्रदर्शन की घोषणा कर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को हलकान कर दिया। उन्हें रोकने के लिए अधिकारी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की चिरौरी करते नजर आये।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी केे घोषणा पत्र में राज्य में उसकी सरकार बनने पर इस्लामिक अतिवादी संगठन पीएफआई के साथ बजरंग दल पर प्रतिबन्ध लगाने का एलान देश भर में बवाल का कारण बन गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्नाटक की अपनी चुनावी जनसभाओं में इस मुद्दे पर कांग्रेस को आडे हाथों लेते हुए पार्टी के उम्मीदवारों से बजरंग बली की जय घोष करते हुए नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंचने की अपील कर चुके है। जिसके बाद बजरंग दल ने भी देश भर में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कमर कस ली है।
इस क्रम में बजरंग दल की जिला शाखा ने भी कांग्रेस पार्टी के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन की घोषणा कर दी थी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपांशु समाधिया ने जब पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो अधिकारियों के हाथ पैर फूल गये। उन्होंने बजरंग दल के पदाधिकारियों से वार्ता की ताकि दोनों दलों में टकराव की स्थिति को टाला जा सके। साथ ही सुरक्षा के लिए कांग्रेस कार्यालय पर पुलिस बल तैनात कर दिया।


उधर अधिकारियों के समझाने और मिन्नते करने पर बजरंग दल के पदाधिकारी कांग्रेस कार्यालय की ओर कूंच में निश्चित दूरी तक जाकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के लिए सहमत हो गये। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि इससे उनका मान भी रह जायेगा और शान्ति व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी। उक्त सहमति के मद्देनजर कांग्रेस के कार्यालय के कुछ पहले रौलिंग बैरियर लगवा दिये गये थे। जहां बजरंग दल के जुलूस को थम जाना था। तय हुआ था कि बैरियर पर सिटी मजिस्ट्रेट उनका ज्ञापन लेकर सरकार तक पहुंचा देंगे। लेकिन बजरंग दल के जुलूस में शामिल अति उत्साही कार्यकर्ता मौके पर बेकाबू हो गये और बैरियर हटाकर आगे बढने लगे। इस पर वहां मोर्चा संभाले शहर कोतवाल शिवकुमार राठौर के नेतृत्व में फोर्स ने उन्हें खदेडने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी। इस बीच अधिकारियों ने फिर से बजरंग दल के पदाधिकारियों से गुजारिश की। अन्ततोगत्वा बजरंग दल पदाधिकारी मान गये और बैरियर पर ही सिटी मजिस्ट्रेट रामप्रकाश व सीओ सिटी गिरजा शंकर त्रिपाठी को ज्ञापन सौंप कर उन्होंने अपना जुलूस विसर्जित कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक असीम चैधरी ने कहा कि बजरंग दल के प्रदर्शन से उत्पन्न तनाव का शान्तिपूर्ण पटाक्षेप करा दिया गया। जिससे कोई अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो सकी। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थिति सम्भालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पडा।

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