उरई | इस्कॉन उरई की ओर से 26 जून ,सोमवार को  सायं  5:00 से 8:00 बजे, अति भव्यतम श्री श्री जगन्नाथ  शोभा यात्रा का आयोजन संपन्न हुआ।

इस्कॉन उरई ने पहली बार इस महा महोत्सव का आयोजन किया। शोभा यात्रा श्याम धाम   से मच्छर चौराहा से  घंटाघर होते हुए इस्कॉन केन्द्र उरई पर समाप्त हुई।

भगवान श्री जगन्नाथ संपूर्ण विश्व के स्वामी है। वे अत्यंत कृपालु है इसीलिए अपने भक्तों पर प्रेम वर्षा करने हेतु  वे स्वयं ही अपने भ्राता श्री बलदेव और अपनी बहन श्रीमती सुभद्रा महारानी के साथ प्रत्येक वर्ष शोभा यात्रा के माध्यम से बाहर आते हैं।

इस यात्रा का आकर्षक केन्द्र शोभा यात्रा में घुड़सवार भक्त  और म्यूजिकल बैंड श्री भगवान की भव्यता को प्रदर्शित करते हुए शोभायमान हो रहे थे।

शोभा यात्रा के दौरान भक्ति-आनंद में वृद्धि करने हेतु इस्कॉन भक्त कीर्तन मंडली और अफ्रीका, रशिया और यूक्रेन भक्तों द्वारा म्यूजिकल बैंड  ने वातावरण को आध्यात्मिक संगीत से गुंजायमान बना दिया।

उमंग व उल्लास के उत्सव  यात्रा के दौरान ढोल बाजा ,मृदंग एवं आतिशबाजी सभी के आकर्षण का केंद्र बनी।

शोभा यात्रा के शुभ अवसर पर इस्कॉन के वरिष्ठ शिक्षक वंसी वदन प्रभु जी, इस्कॉन कानपुर अध्यक्ष प्रेम हरिनाम प्रभु जी , इस्कॉन कानपुर और इस्कॉन झांसी से भी विभिन्न भक्त  भी भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने    उरई उपस्थित हुए ।

इस्कॉन आचार्य  श्रीमान वंसी वदन प्रभु जी के द्वारा जगन्नाथ कथा के माध्यम से भक्तों को लीला पुरुषोत्तम भगवान की सुमधुर कथा का रसास्वादन कराया गया।

अंत में सभी भक्तजनों के लिए भगवान का महाप्रसाद  वितरण किया गया।                          शोभा यात्रा  भक्तों के लिए अत्यधिक महत्व रखती है, क्योंकि यह एकता, भक्ति और परमात्मा से जुड़ने की इच्छा का प्रतीक है। यह विभिन्न पृष्ठभूमि और समुदायों के लोगों को एक साथ आने, बाधाओं को पार करने और भक्ति और प्रेम की भावना का जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता है।

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