बजरिया के लोगों का नाले पर अवैध रूप से जमा मांस-मछली का बाजार कर रहा है आराम हराम


उरई।
बजरिया रोड पर जयहिंद टाॅकीज चौराहे से गणेश गंज स्कूल तक लोगों का चलना दुर्गन्ध के कारण दुश्वार हो चुका है। यहा आधी सड़क और पूरे नाले को दबंग मांस विक्रेताओं ने कब्जिया लिया है जिससे इतनी दुर्गन्ध फैली रहती है कि यहां से गुजरने पर लोग नाक ढकने और कपड़े सिकोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं।
पूरा इलाका बूचड़खाने में तब्दील हो गया है। अब बरसात में चूंकि तमाम सारा मलगोजा नाले में गिरकर सड़ने लगा है इसलिये भीषण महामारी का खतरा पैदा हो गया है।
धार्मिक भावनाओं से जुड़े सावन महीने का लिहाज भी अतिक्रमणकारियों को नहीं है। उड़ते हुये छींटे व दुर्गन्ध के कारण नगर की हृदय स्थली वाले इस इलाके को लोग बदबू वाला मुहल्ला बोलचाल की भाषा में कहने लगें हैं। जो यहां के निवासियों, खासकर छोटे बच्चों के लिये बेहद तकलीफ का सबब है।
रमेश स्वीट्स सहित बहुत सारे दुकानदारों का कारोबार इन हालातों ने बर्बाद कर दिया है। नागरिक इस नारकीय स्थिति और इसके प्रति अधिकारियों की उदासीनता से आजिज आकर इसके विरूद्ध उच्च स्तर पर गुहार लगाने को प्रतिबद्ध होने लगे हैं। इसी क्रम में शायर मुही आजम ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर यहां की बदहाली के बारे में लिखकर इसे खत्म कराने की गुहार लगाई है। बिडंबना है कि मांस-मछली के लिये रामकुण्ड मैदान में मार्केट बना दिया है तो बजरिया की घनी बस्ती में लोगों को सताने के लिये यहां मांस-मछली की दुकानें सजाने की छूट क्यों मिली हुयी है।

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