उरई, 12 दिसंबर | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कानपुर प्रांत के 65वें प्रांत अधिवेशन के लिए आज उरई में भूमिपूजन किया गया, जो युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई के विशाल ग्राउंड पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूर्ण धार्मिक विधि-विधान के बीच संपन्न इस भूमिपूजन ने स्थानीय स्तर पर उत्साह की लहर पैदा कर दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांत प्रचारक श्रीराम, अभाविप कानपुर प्रांत अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश मिश्रा, प्रांत मंत्री शिवाराजे बुंदेला और प्रांत संगठन मंत्री मनीष राय जैसे प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बनाया। यह अधिवेशन 21 से 24 दिसंबर तक उरई में आयोजित होगा, जिसमें कानपुर प्रांत के सभी 21 संगठनात्मक जिलों से लगभग 1000 विद्यार्थी, शिक्षक और कार्यकर्ता भाग लेंगे।
भूमिपूजन समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना और राष्ट्रगान से हुआ, उसके बाद सभी अतिथियों ने सामूहिक रूप से भूमि पूजन किया। कार्यक्रम में सांगठनिक, शैक्षिक और सामाजिक विषयों पर गहन मंथन का प्लान तैयार किया गया है। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त करना है। अभाविप के इस प्रयास से न केवल छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित होगी, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जागरण को भी बल मिलेगा। प्रांत स्तर पर यह आयोजन उरई को युवा ऊर्जा का केंद्र बनाने का संकेत देता है।
आरएसएस प्रांत प्रचारक श्रीराम ने भूमिपूजन के बाद संबोधित करते हुए कहा, “अभाविप ने हमेशा युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी है। आज भी इसके कार्यों में वही संगठन शक्ति, राष्ट्रनिष्ठा और सेवा भावना जीवंत है।” उन्होंने उरई को वीर अभय और महर्षि वेदव्यास की पावन भूमि बताते हुए कहा, “यह अधिवेशन युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगा। अभाविप के माध्यम से हम नई पीढ़ी को देश की अखंडता और समृद्धि के लिए तैयार कर रहे हैं।” श्रीराम ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिवेशन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग करें।
अभाविप कानपुर प्रांत अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने अपने उद्बोधन में संगठन की विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्र भावना से ओतप्रोत संगठन है, जिसने सदैव देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए कार्य किया है। अभाविप केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि युवा चेतना का प्रखर स्वर है, जो देशभक्ति को आचरण में उतारने का कार्य करता है।” डॉ. मिश्रा ने विश्वास जताया कि यह 65वां प्रांत अधिवेशन युवाओं में देशभक्ति की भावना को और प्रज्ज्वलित करेगा। उन्होंने कहा, “उरई जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित यह अधिवेशन प्रांत की युवा पीढ़ी के लिए मील का पत्थर साबित होगा।”
भूमिपूजन कार्यक्रम में प्रांत अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश मिश्रा, प्रांत संगठन मंत्री मनीष राय, एग्रिविजन राष्ट्रीय प्रमुख विक्रम फर्स्वाण, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, जलशक्ति मंत्री प्रतिनिधि अरविंद चौहान, कालपी विधायक प्रतिनिधि आशीष चतुर्वेदी, पूर्व सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रो. उमानाथ सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अनिल यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और सैकड़ों अभाविप कार्यकर्ता मौजूद रहे। इन अतिथियों ने अधिवेशन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और युवाओं को राष्ट्रसेवा के प्रति प्रोत्साहित किया।
अधिवेशन के दौरान विभिन्न सत्रों में कार्यशालाएं, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रांत मंत्री शिवाराजे बुंदेला ने बताया कि अधिवेशन में शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया और पर्यावरण संरक्षण जैसे समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होगी। जिला प्रशासन ने भी आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। उरई के स्थानीय निवासियों में इस अधिवेशन को लेकर उत्साह है, जो शहर को राष्ट्रीय स्तर पर युवा गतिविधियों का केंद्र बनाने का अवसर प्रदान करेगा।
यह भूमिपूजन न केवल अभाविप के 65 वर्षों के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है, बल्कि आने वाले समय में युवा नेतृत्व को मजबूत करने की दृढ़ प्रतिबद्धता भी दर्शाता है। अभाविप के कार्यकर्ता अधिवेशन की तैयारियों में जुटे हुए हैं, और उम्मीद है कि यह आयोजन प्रांत स्तर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।








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