कालपी (जालौन), 12 दिसंबर : भारत सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की पहल पर कालपी में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FoSTaC) ट्रेनिंग सर्टिफिकेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में खाद्य सुरक्षा के प्रति नई जागरूकता पैदा की। शुक्रवार को नगर के राम वाटिका सभागार में आयोजित इस एकदिवसीय प्रशिक्षण में दुकानदारों को व्यक्तिगत स्वच्छता, सफाई, कीट नाशक नियंत्रण और खाद्य पदार्थों के उचित रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने की, जबकि अधिकारियों सुनील कुमार और कन्हैया लाल की मौजूदगी में मुख्य ट्रेनर शैलेश कुमार ने सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। इस पहल से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और FSSAI के प्रतीक चिन्ह पर माल्यार्पण से हुआ। मुख्य ट्रेनर शैलेश कुमार ने प्रतिभागियों को बताया कि खाद्य सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग है। उन्होंने व्यावहारिक सत्र में दुकानदारों को हाथ धोने की सही विधि, खाद्य भंडारण के तापमान नियंत्रण, कीटों से बचाव के उपाय और लेबलिंग के महत्व पर डेमो दिया। कुमार ने कहा, “एक छोटी सी लापरवाही से उपभोक्ता का स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है। दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर पैकेट पर एक्सपायरी डेट साफ हो और सामग्री ताजा रखी जाए।” प्रशिक्षण के दौरान पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, वीडियो क्लिप्स और इंटरैक्टिव सेशन के माध्यम से जानकारी दी गई, जिससे दुकानदारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अध्यक्षता कर रहे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने संबोधित करते हुए कहा, “FoSTaC प्रमाण पत्र दुकानदारों को फूड सेफ्टी सुपरवाइजर के रूप में आधिकारिक मान्यता प्रदान करेगा। यह न केवल उनकी दुकान की विश्वसनीयता बढ़ाएगा, बल्कि ग्राहकों का विश्वास भी मजबूत करेगा। जिले में ऐसी ट्रेनिंग को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि खाद्य सुरक्षा का स्तर ऊंचा हो।” राय ने चेतावनी दी कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन प्रमाणित दुकानदारों को प्रोत्साहन राशि और प्रमोशनल सहायता भी दी जाएगी। अधिकारियों सुनील कुमार और कन्हैया लाल ने भी प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई, जहां उन्होंने स्थानीय खाद्य व्यंजनों के संदर्भ में उदाहरण दिए।
प्रशिक्षण में करीब 50 से अधिक दुकानदारों और व्यापारियों ने भाग लिया, जिनमें मोहम्मद आरिफ, मनोज कुमार गुप्ता, सुरेंद्र सिंह, अमित कुमार, महेंद्र गुप्ता, सत्यम साहू, आशीष गुप्ता, अंकुश यादव, मोहम्मद अयूब, सीताराम, सुशील कुमार गुप्ता, सिम्मू, श्याम जी गुप्ता, राजा बाबू ओमरे और डिस्ट्रिक प्रेस क्लब तहसील अध्यक्ष सलीम अंसारी प्रमुख थे। मोहम्मद आरिफ ने कहा, “यह ट्रेनिंग मेरी दुकान के लिए वरदान साबित होगी। अब मैं ग्राहकों को निश्चिंत होकर सुरक्षित उत्पाद बेच सकूंगा।” इसी तरह, मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि कीट नियंत्रण पर दी गई जानकारी उनके व्यवसाय को नई दिशा देगी।
यह कार्यक्रम कालपी के व्यापार मंडल के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसने स्थानीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सूचित किया कि FoSTaC ट्रेनिंग के तहत अगले महीने और सत्र आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय निवासियों में इस पहल की सराहना हो रही है, जो उपभोक्ता संरक्षण को प्राथमिकता देती है। FSSAI की यह पहल निश्चित रूप से जिले में खाद्य गुणवत्ता के मानकों को ऊंचा उठाएगी।








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