एसडीएम का आंगनबाड़ी केंद्रों में औचक निरीक्षण: पुष्टाहार व स्वच्छता पर सख्त निर्देश, योजनाओं के पालन में उदासीनता बर्दाश्त नहीं

कालपी (जालौन), 12 दिसंबर | बाल विकास एवं पोषण अभियान की योजनाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मनोज कुमार सिंह ने शुक्रवार को कदौरा विकासखंड के दो आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यकत्रियों को साफ-सफाई, पुष्टाहार सामग्री के वितरण और विभागीय योजनाओं के कड़ाई से पालन पर प्रभावी निर्देश दिए। एसडीएम ने स्पष्ट हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर उदासीनता बर्दाशाश्त नहीं की जाएगी, और केंद्रों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह निरीक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कदौरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक परिषद क्षेत्र में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण एसडीएम ने अचानक किया, जिससे कार्यकत्रियां भी सतर्क हो गईं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों में उपलब्ध पुष्टाहार सामग्री, जैसे चावल, दाल, तेल, नमक और अन्य पोषण संबंधी सामानों की भौतिक जांच की। इसके बाद अभिलेखों—रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और स्टॉक बुक—से मिलान किया, ताकि किसी प्रकार के घपले या अनियमितता का पता लगाया जा सके। एसडीएम ने पाया कि कुछ केंद्रों में सामग्री का स्टॉक अपर्याप्त था, जिस पर उन्होंने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए एसडीएम ने केंद्रों के आसपास की सफाई की हकीकत परखी। उन्होंने कार्यकत्रियों को निर्देश दिए कि बच्चों के लिए खेल-कूद का स्थान साफ-सुथरा रखा जाए, शौचालय की व्यवस्था उचित हो और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एक केंद्र में पाया गया कि फर्श पर धूल जमी हुई थी, जिस पर एसडीएम ने तुरंत सफाई कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों का दूसरा स्कूल है। यहां की स्वच्छता और पोषण व्यवस्था पर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं चलनी चाहिए। केंद्रों को आदर्श रूप में विकसित किया जाए।”

कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं—जैसे पूरक पोषण योजना, कुपोषण उन्मूलन अभियान, टीकाकरण और बाल विकास कार्यक्रमों—के कड़ाई से पालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता या अनियमितता नहीं होनी चाहिए। कार्यकत्रियां बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर नजर रखें। मासिक रिपोर्ट समय पर जमा करें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत दें।” एसडीएम ने कार्यकत्रियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन लापरवाही पर कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी।

कदौरा विकासखंड अधिकारी (बीडीओ) ने बताया कि निरीक्षण के बाद केंद्रों में तत्काल सुधार शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “एसडीएम साहब के निर्देशों के अनुपालन में सभी केंद्रों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। पोषण सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।” स्थानीय ग्रामीणों ने इस निरीक्षण की सराहना की है। एक ग्रामिणी राधा देवी ने कहा, “हमारे बच्चों को अच्छा पोषण मिले, इसके लिए अधिकारी साहब का यह दौरा स्वागतयोग्य है। केंद्रों में अब सुधार होगा।”

जिला बाल विकास अधिकारी ने सूचित किया कि एसडीएम के इस निरीक्षण के बाद पूरे विकासखंड में अन्य केंद्रों का भी सत्यापन किया जाएगा। यह प्रयास कुपोषण दर को कम करने और ग्रामीण बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा। जिला प्रशासन ने भी ऐसे नियमित निरीक्षणों को प्रोत्साहित किया है, ताकि सरकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हों।

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