उरई। बुन्देलखण्ड महापरिषद के संस्थापक, प्रख्यात साहित्यकार, लेखक एवं कलम के सच्चे सिपाही स्वर्गीय सुदर्शन सिंह जादौन ‘बाबू जी’ की आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर 3 एवं 4 जनवरी को दो दिवसीय भव्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन उनके जन्मस्थल ग्राम टिमरों, विकास खण्ड डकोर, जनपद जालौन स्थित सुदर्शन पुस्तकालय एवं वाचनालय परिसर में सम्पन्न होगा।

स्वर्गीय सुदर्शन सिंह जादौन ‘बाबू जी’ ने अपना संपूर्ण जीवन बुन्देलखण्ड के सामाजिक उत्थान, शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा, साहित्य व शिक्षा के प्रसार तथा क्षेत्रीय एकता को समर्पित किया। उन्होंने बुन्देलखण्ड महापरिषद की स्थापना कर क्षेत्रीय अस्मिता, संस्कृति और जनहित के मुद्दों को संगठित स्वर प्रदान किया। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके विचारों, आदर्शों एवं मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास है।

प्रथम दिवस 3 जनवरी को वृहद स्वास्थ्य मेला एवं नशा उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। स्वास्थ्य मेले में ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। वहीं नशा उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ और जागरूक समाज का संदेश दिया जाएगा।

द्वितीय दिवस 4 जनवरी को वृहद ग्राम विकास मेला, कम्बल वितरण कार्यक्रम तथा गौ-आधारित कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। ग्राम विकास मेले में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी ताकि ग्रामीण इनका अधिकतम लाभ उठा सकें। शीत ऋतु को देखते हुए जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किए जाएंगे। साथ ही गौ-आधारित कृषि प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती, गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों तथा ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की जानकारी दी जाएगी।

इस संबंध में बुन्देलखण्ड महापरिषद के महासचिव शिरोमणि कुशवाहा ने बताया कि यह आयोजन स्वर्गीय सुदर्शन सिंह जादौन ‘बाबू जी’ के विचारों को जीवंत रखने तथा समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने का एक सामूहिक प्रयास है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।

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