सहकार से समृद्धि संगोष्ठी में आत्मनिर्भर गांवों का संकल्प, किसानों-महिलाओं की भूमिका पर जोर

उरई। जनपद मुख्यालय उरई स्थित विकास भवन सभागार में “सहकार से समृद्धि” विषय पर मिनौरा सहकारी संघ द्वारा भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास, किसानों की आर्थिक उन्नति, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य अतिथि के रूप में राजेश्वर सिंह (उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष/दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक प्रगति का साधन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जब किसान, महिलाएं और युवा मिलकर काम करते हैं तो गांवों की तस्वीर बदल जाती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ब्रज भूषण सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण परिवारों के लिए संबल हैं और इन्हें व्यवहार में उतारने से ही वास्तविक समृद्धि संभव है।

मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीण सिंह जादौन (निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ) ने कहा कि सहकारिता भारतीय ग्रामीण व्यवस्था की आत्मा है। यदि पारदर्शिता और ईमानदारी से काम किया जाए तो बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक असमानता जैसी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

विशिष्ट अतिथि के.के. सिंह (मुख्य विकास अधिकारी) ने कहा कि प्रशासन सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों को आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण सहयोग दे रहा है। सही क्रियान्वयन से हर गांव आत्मनिर्भर बन सकता है।

कार्यक्रम में भूमि विकास बैंक जालौन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल शाक्य, कोंच के अध्यक्ष अमित उपाध्याय तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए सचिव भारत सिंह को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

संगोष्ठी में भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सूर्य नायक, महाप्रबंधक भानु प्रताप सिंह, सहायक निबंधक हरिदास यादव, उपेंद्र सिंह राजावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अंत में मिनौरा सहकारी संघ के अध्यक्ष श्यामकरण प्रजापति ने सभी का आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन रामकुमार जादौन ने किया।

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