कुठौंदा-उरई। प्राचीन एवं सिद्ध श्री महावीर जी मंदिर, कुठौंदा से शुक्रवार को एक आध्यात्मिक और प्रेरणादायी यात्रा की शुरुआत हुई, जब मंदिर के महंत श्री श्री 1008 श्री रामेश्वर दास जी महाराज विश्व शांति और सद्भावना का संदेश लेकर उत्तराखंड के चारधाम—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की पदयात्रा पर रवाना हुए।
इस पवित्र पदयात्रा में उनके साथ महंत सत्यनारायण दास जी (सिकरी), विशम्बर दास जी (खनेता) और संतराम पाण्डेय (रेंडर) भी शामिल हैं। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर क्षेत्र संतों की उपस्थिति ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया।
इस दौरान श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर यज्ञपीठाधीश्वर श्री दूधाधारी जी महाराज, श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री मनमोहन दास जी महाराज (संकटमोचन आश्रम, वृंदावन), मंडलेश्वर सिद्धाराम महाराज (ठड़ेश्वरी मंदिर, उरई), मंडलेश्वर रामकरण दास जी महाराज (कालपी), मंडलेश्वर गोपालदास जी महाराज (बंगरा), मंडलेश्वर वीरू महाराज (गोहन) सहित अनेक संत-महंतों ने पदयात्रा को आशीर्वाद देते हुए इसके सफल और मंगलमय होने की कामना की।
कुठौंदा में इस अवसर पर भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। डीजे की धुन, बैंड-बाजे और घोड़ों की टापों के बीच श्रद्धालु झूम उठे और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। हजारों ग्रामीणों और भक्तों ने इस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी बनकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। रामजी तिगुनायक, प्रवीण पचौरी, पप्पू राजावत सहित कई लोगों ने संतों और अतिथियों का स्वागत पट्टिका व माल्यार्पण कर किया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक वरिष्ठ पत्रकार रामनरेश द्विवेदी ने सभी संत-महंतों, क्षेत्रीय नागरिकों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए इस आयोजन को जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
यह पदयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में शांति, एकता और सद्भावना का संदेश भी लेकर आगे बढ़ रही है।








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