उरई। जनपद जालौन में अनुशासनहीनता और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी पवन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई खंड विकास अधिकारी जालौन और जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेन्द्र कलाकर सिंह के निर्देशानुसार की गई।
जानकारी के मुताबिक शासन के नोडल अधिकारी एवं आईएएस इन्द्र विक्रम सिंह के जालौन भ्रमण कार्यक्रम के दौरान विकासखंड जालौन की ग्राम पंचायत पहाड़पुरा और अकोड़ी दुबे में जन चौपाल आयोजित होनी थी। कार्यक्रम की तैयारियों के लिए ग्राम पंचायत सचिव पवन तिवारी को पहले से आवश्यक निर्देश दिए गए थे।
निर्देशों में चौपाल स्थल का चयन, ग्राम पंचायत की प्रगति पुस्तिका तैयार करना, पानी की टंकी का निरीक्षण, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना शामिल था। आरोप है कि पवन तिवारी ने कर्मचारी संघ का नेता होने और दबंगई के चलते अधिकारियों के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया तथा कार्यक्रम को दूसरी ग्राम पंचायत में कराने का दबाव बनाने का प्रयास किया।
बताया गया कि उन्होंने अपने क्लस्टर की ग्राम पंचायतों में सहयोग न करने की मंशा भी जाहिर की। इतना ही नहीं, वह बिना किसी पूर्व सूचना के 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अपने कार्यक्षेत्र और ब्लॉक से अनुपस्थित पाए गए, जिससे जन चौपाल की तैयारियों में बाधा उत्पन्न हुई और शासन की योजनाओं की प्रगति प्रस्तुत करने में दिक्कतें आईं।
मामले को गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत कार्रवाई करते हुए पवन तिवारी को निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में उन्हें विकासखंड डकोर कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) रामपुरा को सौंपी गई है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, बशर्ते वह किसी अन्य सेवा या व्यवसाय में संलग्न न हों।







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