जल जीवन मिशन की सुस्ती पर डीएम सख्त, अधूरे रोड रेस्टोरेशन और जलापूर्ति पर जताई नाराजगी

उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने स्पष्ट कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर गांव तक निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें क्षतिग्रस्त छोड़ दी गई हैं और रोड रेस्टोरेशन का कार्य अब तक अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सभी शेष गांवों में प्राथमिकता के आधार पर सड़क पुनर्निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराया जाए।

बैठक में यह भी सामने आया कि जीवीपीआर के 212 गांवों में से 26 गांवों में अभी तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि पर्याप्त मानव संसाधन लगाकर लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और जिन स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज, अधूरे कनेक्शन या तकनीकी बाधाएं हैं, उन्हें अभियान चलाकर तत्काल दूर किया जाए।

जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे, अधिशासी अभियंता, संबंधित एसडीएम और बीडीओ को गांवों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियंताओं के शिथिल पर्यवेक्षण पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी स्वयं गांवों में जाकर जलापूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति देखें।

विद्युत आपूर्ति की समीक्षा में डीएम ने सला पेयजल परियोजना के सभी 11 प्वाइंट्स पर रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्वाइंट पर स्पष्ट रोस्टर प्रदर्शित किया जाए, जिससे यह पता चल सके कि प्रतिदिन कितने घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और जलापूर्ति बाधित न हो।

समीक्षा में बताया गया कि योजना के अंतर्गत जनपद में लगभग 1600 किलोमीटर सड़कों की खुदाई की गई थी, जिनमें अधिकांश सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन 264 ग्राम पंचायतों में करीब 240 किलोमीटर सड़क निर्माण अभी भी बाकी है। इस पर डीएम ने जीवीपीआर और बीजीसीसी जैसी कार्यदायी एजेंसियों को मई माह तक हर हाल में सड़क पुनर्निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ नोटिस जारी कर अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, अधिशासी अभियंता अंचल गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे

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