जालौन। न्यामतपुर क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम निपनिया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं। कथा का आयोजन 1 मई से 7 मई तक किया जा रहा है, जबकि 8 मई को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
कथा व्यास के रूप में स्वामी आधार चैतन्य ने अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि भगवान के भजन के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है और भजन रहित जीवन पशु समान माना गया है। स्वामी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला का वर्णन करते हुए बताया कि शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी मधुर मुरली की धुन पर गोपियों को महारास में बुलाया था।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की मुरली की धुन इतनी मोहक थी कि स्वयं भगवान शंकर भी गोपी वेश धारण कर महारास में पहुंच गए थे। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें पहचानते हुए कहा कि भोलेनाथ के चरणों से ब्रजभूमि पवित्र हो गई है और वे यहां गोपेश्वर रूप में विराजमान रहेंगे।
कथा के दौरान स्वामी आधार चैतन्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण अत्यंत पवित्र ग्रंथ है, जिसमें भगवान के विभिन्न अवतारों और लीलाओं का वर्णन है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा से भागवत कथा सुनता है, उसकी मुक्ति निश्चित होती है। भगवान की कथा जीवन की हर पीड़ा और चिंता को दूर करने वाली औषधि है।
उन्होंने प्रेम का महत्व बताते हुए कहा कि प्रेम ही जीवन का सार और आधार है। प्रेम परमात्मा का स्वरूप है और इससे हृदय पवित्र होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव प्रेमभाव से रहना चाहिए तथा भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए।
कथा परीक्षित किसना यादव एवं संजू देवी ने बताया कि कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामपाल सिंह, सोवरन सिंह, अमर सिंह एवं भूप सिंह सहित ग्रामीणों का विशेष सहयोग मिल रहा है।






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