उरई।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश से मिला व शिक्षक समस्याओं से संबंधित 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की माँग की।
जिला महामंत्री इलयास मंसूरी ने कहा कि अवकाश पर रहते हुए जिन शिक्षकों ने जनगणना प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है जो न्यायोचित नहीं है। ऐसे शिक्षकों का वेतन तत्काल बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य ग्रीष्मावकाश में कराया जा रहा है। उसके एवज में नियमानुसार उपार्जित अवकाश प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत हो चुके शिक्षकों का जीपीएफ भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। उसका शीघ्र भुगतान कराया जाए। कुछ शिक्षकों का जीपीएफ पूर्व में कार्यरत जनपदों में ही पड़ा है। वहां पत्र भेजकर जीपीएफ मंगवाया जाए। मानव संपदा पोर्टल पर सेवा पुस्तिका में जो ही विवरण गलत अंकित हैं उनको सही करने हेतु बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा पत्र भेजा गया है लेकिन अभी तक उसका क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। अतः खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर ई-सर्विस बुक में संशोधन कराया जाए। जिन शिक्षकों के प्रतिकूल प्रविष्टि या वेतन वृद्धि की पत्रावली एडी बेसिक कार्यालय में भेजी गई है उनकी एक प्रति अध्यापक को उपलब्ध कराई जाए जिससे प्रकरण के निस्तारण में विलंब होने पर शिक्षकों द्वारा सीधे एडी बेसिक कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया जा सके। कई बार शिक्षकों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण मानसिकता से शिकायत की जाती है। ऐसे मामलों में शिक्षकों के पक्ष प्राप्त कर निष्पक्ष जांच कराए बिना कोई दंडात्मक कार्यवाही न की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव, जिला संगत मंत्री तनवीर अहमद, सरला कुशवाहा, मुहम्मद अय्यूब, राज देवर, सारिक अंसारी, राघवेंद्र यादव, अखिलेश रजक, नवनीत श्रीवास्तव, राजेंद्र सोनी, भागवती, विजय तिवारी, अरविंद निरंजन, अवधेश श्रीवास्तव, दशरथ सिंह पाल, राजेंद्र सेंगर, पवन वर्मा, शैलेन्द्र सिंह चौहान, जयकरन, पुष्पांजलि चौहान आदि मौजूद रहे।







Leave a comment